अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
बैतूल। चित्रकला से व्यक्ति में कौशल उभरता है इस प्रतियोगिता में किसानों की उन्नति को दिखाने का प्रयास किया गया है वर्तमान समय में जिस तरह से किसान अधिक उत्पादन के लालच में रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कर रहें हैं जिसका दुष्परिणाम हमारे स्वास्थ्य पर साफ दिख रहा है। आने वाली पीढ़ी भी इस अभिशाप से नहीं बच पाएगी। इन केमिकल्स की अधिकता को रोकने के उद्देश्य को लेकर व सही तरीके से किसान खेत जैविक खाद का उपयोग कर फसल की उर्वरता बढ़ाने का संदेश देने के लिए ढोंडवाड़ा स्कूल में चित्रकला के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया। जिसमें बच्चों ने बताया कि केमिकल के अधिक इस्तेमाल से धरती बंजर होती जा रही है और एक समय ऐसा आएगा कि यह ग्लोबल वार्मिंग का भी यह एक कारण होगा। सहभागिता करने वाले छात्रा श्रेया माकोड़े, लक्ष्मी आहके, सृष्टी खाड़े, अमन कवड़े, अदिति सलामें की उत्कृष्ट चित्रकला के लिए उन्हें पुरस्कृत किया गया। बीएएसफ इंडिया लिमिटेड के विशाल राउत, शिक्षक मदनलाल डढोरे व केसी पवार ने कहा कि ऐसे जागरूकता अभियान से ग्रामीण अंचल में किसानों का रुझान कम से कम केमिकल्स उपयोग की ओर बड़ेगा। इस अवसर पर दिनेश कुभांरे शरद तोमर,संस्था प्राचार्य मीना डंडारे प्रीति बाला माकोड़े, अशोक कुमार इवने, कैलाश पवार, हेमलता चौधरी, योगेन्द्र कुमार मेहरा, डॉ.कलावती हारोड़े, महेन्द्र पंवार, ताहिर बानो, आशा अरोरा, राजेन्द्र कुमार बेले, शारदा माथनकर, जाग्रति भावसार, पूनम काले, जयदेव डोंगरे, मदनलाल डढोरे, होसीलाल उइके, प्रदीप पौंड्रिक, अशोक पवार, संदीप पांडे,राजु गंगारे, केसी पवार, सुभाष सातनकर, विनीता ठाकुर सहित अनेक लोग उपस्थित थे।