पावर कारपोरेशन के सीएमडी डा. रुपेश ने ओबरा, अनपरा का दौरा कर जाना हाल
नन्दगोपाल पाण्डेय ब्यूरोचीफ सोनभद्र
हटेगी दीवार, अब नहीं चलेगा ओबरा में
यातायात का दोहरा क़ानून
दुर्घटना आमंत्रक, जाम का झाम करने वाली जन सुविधा विरोधी परियोजना कालोनी की सुरक्षा दीवार को हटवाने हेतु कमाल अहमद
उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक डा. रुपेश कुमार ने सहमति जताई, डीएम/तहसील प्रशासन को हस्तक्षेप की दी हरी झंडी।
-नगर पंचायत द्वारा परियोजना बाउन्डी वाल से सटा कर बनाये गये यात्री शेड पर भी नाराजगी जतायी कहा कि परियोजना की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले किसी निर्माण को परियोजना क्षेत्र में नहीं रहने दिया जायेगा इसके लिए शीघ्र ही शासनदेश जारी हो जायेगे।
ओबरा सोनभद्र । ओबरा सी परियोजना की पूर्णता में आ रही गतिरोध दूर करने का उपाय किया जा रहा है अंतिम महत्वपूर्ण कार्य साईलो को 15 दिनो के भीतर चालू कर लिया जायेगा। जिससे राख का उपयोग सीमेन्ट कारखानो व अन्य स्थानों पर भी हो सकेगा। मार्च 2026 तक परियोजना का शेष कार्य भी पूर्ण कर लिया जायेगा। कोरियन कम्पनी के प्रबन्धन को भी आवश्यक दिशा निर्देश मैंने दे दिया है। दीवाली तक मज़दूरों का भुगतान भी हो जायेगा। हड़ताल की समस्या का समाधान हेतु निगम प्रबंधन भी गम्भीर है
उक्त बाते उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के प्रबन्ध निदेशक डा. रूपेश कुमार ने अपने ओबरा, अनपरा दौरे पर गुरुवार 16 अक्टूबर 2025 को वीआईपी गेस्ट हाउस में पत्रकारो के समक्ष कही।
श्री कुमार ने कहा कि ओबरा बी व सी परियोजना का निरीक्षण किया। तकनीकी रूप से आ रही समस्याओ को शीघ्र ही समाधान करने की हिदायत भी दी गयी।
ओबरा में परियोजना प्रशासन द्वारा कालोनी सुरक्षा के नाम पर खड़ी की गई आधी अधूरी बाउंड्री, कान्वेंट तिराहा से आर्य समाज बाज़ार तक अवरुद्ध होती ट्रैफिक व्यवस्था, दुर्घटना आमंत्रक, यातायात माह कानून को विगत 10 वर्षों से ठेंगा दिखाता, दोहरा क़ानून और अराजक नीति के तहत खड़ी दीवार ढहने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वीआईपी रोड के किनारे परियोजना की बाउन्डी वाल के कारण आये दिन लग रहे जाम के बारे में उन्होंने कहा कि यह गम्भीर मुद्दा है जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन से बातचीत कर मामले का हल निकाला जायेगा।
नगर पंचायत द्वारा परियोजना बाउन्डी वाल से सटा कर बनाये गये यात्री शेड पर भी नाराजगी जतायी कहा कि परियोजना की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले किसी निर्माण को परियोजना क्षेत्र में नहीं रहने दिया जायेगा इसके लिए शीघ्र ही शासनदेश जारी हो जायेगे।
श्री कुमार ने यह भी बताया कि 1600 मेगावाट की ओबरा डी परियोजना में आ रही अडचनो को शीघ्र ही दूर कर लिया जायेगा। जिससे ओबरा डी के निमार्ण में तेजी आ जायेगी।
इस दौरान इं. एके त्रिपाठी निदेशक तकनीकी, इं.संजय दत्ता निदेशक परियोजना एवं वााणिज्य, मुख्य महाप्रबन्धक इं. आरके अग्रवाल, महाप्रबन्धक इं.दिवाकर स्वरूप, महाप्रबन्धक इं. एसके सिंघल, उप महाप्रबंधक सीविल इं. एके राय, अनुराग मिश्रा आदि मौजूद रहे।