सहारनपुर ड्रग्स माफियाओं की सम्पत्ति का जब्तीकरण शुरू
ड्रग्स सरगना अब्दुल कादिर की 10 करोड़ की संपत्ति के जब्तीकरण की कार्रवाई
सहारनपुर में एक करोड़ की कोठी बना रहा ड्रग्स माफिया, यहां बनाना था ठिकाना
सरसावा में रहता है कुख्यात सरगना का दाहिना हाथ , अन्य भी हो सकते हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के मुताबिक सहारनपुर पुलिस ने ना केवल ड्रग्स माफियाओं व उनके संरक्षणदाताओं पर कठोर कार्रवाई शुरू कर दी है, बल्कि उनकी संपत्ति का जब्तीकरण भी शुरू कर दिया है। पश्चिमी यूपी के बड़े ड्रग्स माफिया अब्दुल कादिर की 10 करोड़ की संपत्ति के जब्तीकरण के आदेश दे दिये हैं। माफिया सहारनपुर को सेफ ठिकाना मानते हुए यहां एक करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की अपनी कोठी बनाचुका था उसे भी जब्त कर लिया है। यह जानकारी गुरुवार को सहारनपुर मंडल के डीजाईजी अभिषेक सिंह को दी। उन्होंने बताया कि ड्रग्स माफिया बचने नहीं पाएंगे और उनकी संपत्तियों का जब्तीकरण भी शुरू कर दिया है। कांधला के अब्दुल कादिर की 10 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा रही है। इसमें सहारनपुर मुजफ्फरनगर की संपत्तियां शामिल हैं।
कौन है अब्दुल कादिर
अब्दुल कादिर सहारनपुर मंडल का कुख्यात ड्रग्स माफिया है। पुलिस के मुताबिक यह सहारनपुर व मुजफ्फरनगर के अपने गिरोह के साथ ड्रग्स का कारोबार कर रहा था। अब्दुल कादिर के खिलाफ शामली जनपद के कैराना, झिंझाना, थानाभवन और मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाने में चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। जांच से यह भी पता चला कि गिरोह से जुड़े कुछ आरोपियों की मुलाकात जेल में बंद स्मैक तस्करों से हुई थी, जिसके बाद उन्होंने संगठित होकर यह धंधा शुरू किया।
10 करोड़ की स्मैक के साथ पकड़ा गया था
19 सितम्बर 2025 को अब्दुल कादिर को उसके चार गुर्गों के साथ कांधला पुलिस ने 10 करोड़ से ज्यादा की 1.15 किलो ड्रग्स के साथ पकड़ा था। इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स के साथ पकड़े जाने से इस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंची थी। पड़ताल में अब्दुल कादिर ने चौंकाने वाले खुलासे किये थे। जिसमें उसने बताया था कि किस तरह से उसने पश्चिमी यूपी में अपना ड्रग्स का बड़ा सम्राज्य खड़ा किया था।
सहारनपुर में बना रहा था ठिकाना
पड़ताल में पता चल रहा है कि ड्रग्स माफियाओं के लिए सबसे आसान ठिकाना सहारनपुर है। यहां एक नहीं अनेक ऐसे लोग है जो कि ऐसे अपराधियों को ना केवल संरक्षण दे रहे हैं, बल्कि उनकी मदद भी कर रहे हैं। यही कारण है कि अब्दुल कादिर ने भी सहारनपुर को अपना ठिकाना बनाने की ठान ली थी और उसने सहारनपुर के रसूलपुर गांव में एक करोड़ से भी ज्यादा कीमत की कोठी खड़ी कर ली है। ऐसे में वह यहां ना केवल शानो शौकत की जिंदगी जीता, बल्कि अपना नेटवर्क भी संचालित करता।
दिखावे को करते थे थ्री-व्हीलर चालन
अब्दुल कादिर अपना गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से चला रहा था। आरोपी दिखावे में खेती और ऑटो चालक का काम करते थे, जबकि असल में उनका मुख्य धंधा स्मैक की सप्लाई करना था। यही कारण था कि किसी को भी उनपर शक नहीं होता था। कोई भी नहीं सोच सकता था एक साधारण थ्री-व्हीलर चालक करोड़ों की ड्रग्स सप्लाई कर 10 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों का मालिक बन बैठा है। इतना ही नहीं ये 10 करोड़ की संपत्ति अभी जांच में सामने आयी है, बाकि उसकी संपत्ति इससे कही गुणा ज्यादा हो सकती है। जिसकी पुलिस पड़ताल कर रही है।
अब्दुल गिरोह के शातिर सदस्य
अब्दुल कादिर गिरोह में उसका दाहिना हाथ बाबर, निवासी कस्बा व थाना सरसावा, जिला सहारनपुर बताया जाता है और वे भी उसके साथ 10 करोड़ की ड्रग्स के साथ कांधला में पकड़ा गया था। बाबर पर सहारनपुर के सरसावा और मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाने में दो मुकदमे दर्ज हैं। इनके दो अन्य कुख्यात साथी अबरार उर्फ सोनू, निवासी गांव जौला, थाना बुढ़ाना, जिला मुजफ्फरनगर। व रिहान, निवासी बघरा, थाना तितावी, जिला मुजफ्फरनगर बताया जाते हैं। जो कि जेल में बन्द हैं।
जरूरत सहारनपुर में ठोस काम की
कांधला पुलिस ने अब्दुल कादिर समेत कई कुख्यात ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार कर 10 दिन में ही 16 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद कर ली है। जिस तरह से अब्दुल कादिर सहारनपुर को सेफ समझ अपनी शरणस्थली बना रहा था और यहां एक करोड़ रुपये की कोठी खड़ी कर रहा था। उससे तो यहीं लगता है कि सहारनपुर में ड्रग्स के मामले में बहुत से स्लीपर सेल मौजूद हो सकते हैं। ऐसे में सहारनपुर पुलिस को यहां आपरेशन सवेरा पर और बड़े स्तर पर काम करने की जरूरत हैं। जरूरत उन पर भी कार्रवाई की है जो कि ऐसे अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं और उन्हें बचाने के लिए सक्रिय हो जाते हैं। बरहाल, डीआईजी की यह कार्रवाई काबिले तारीफ है।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़