रिपोर्टर अनिल सोनी
हत्यारों को फांसी देने और परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता की मांग
राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा — यह पत्रकार नहीं, लोकतंत्र की हत्या है
प्रयागराज।
राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र कुमार मिश्रा ने पत्रकार एल.एन. सिंह की हत्या पर गहरा शोक प्रकट किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल एक पत्रकार की हत्या है बल्कि लोकतंत्र की हत्या है। पत्रकार समाज का वह स्तंभ है जो जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाता है, लेकिन आज लोकतंत्र का चौथा स्तंभ सुरक्षित नहीं रह गया है।
श्री मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि परिषद उच्च अधिकारियों से वार्ता करेगी और पत्रकार एल.एन. सिंह के हत्यारों को फांसी की सजा दिलाने की मांग करेगी। साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि दिवंगत पत्रकार के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में देशभर में पत्रकारों की हत्याओं की श्रृंखला जारी है —
जौनपुर (2024) में पत्रकार आशुतोष श्रीवास्तव की हत्या,
फतेहपुर (1 जनवरी 2025) में दिलीप सैनी की हत्या,
सीतापुर (8 मार्च 2025) में राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या,
और अब 23 अक्टूबर 2025 को प्रयागराज में पत्रकार एल.एन. सिंह की हत्या।
लगातार हो रही इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि पत्रकारिता खतरे के दौर से गुजर रही है। देवेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि अगर यह सिलसिला नहीं रुका तो लोकतंत्र का चौथा स्तंभ खत्म होने की कगार पर पहुंच जाएगा।
उन्होंने सरकार से पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की ताकि पत्रकार और उनके परिवार सुरक्षित रह सकें। मिश्रा ने कहा कि परिषद हर उस आवाज के साथ खड़ी है जो सच्चाई के लिए कलम उठाती है, और पत्रकारों के हितों की लड़ाई हमेशा लड़ी जाएगी