ब्यूरो चीफ सुंदरलाल जिला सोलन,
जिला सोलन के अंतर्गत शनिवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पट्टा मसूलखाना में नशे से कैसे बचा जा सकता है को लेकर विद्यार्थियों के लिए नशे के विरोध में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य कम्नेश ठाकुर कहा कि युवा वो शक्ति है जिसका उपयोग यदि सही ढंग से किया जाए तो हर काम ठीक हो सकता है। वर्तमान समय में अपनी उसी शक्ति को भूल कर उससे कोसों दूर हुए खड़ा हमारा युवा वर्ग नशाखोरी जैसी भयंकर महामारी का शिकार होता जा रहा है। संसार में दो चीजों की कोई सीमा नहीं है। एक आकाश और दूसरा मनुष्य की मूर्खता। आज का इंसान अपनी परेशानी और तनाव को दूर करने के लिए अगर नशा करता है तो यह उसकी मूर्खता ही कही जाएगी। नशे में बिलकुल भी सुख-शांति नहीं है। अगर कोई नशे की दल-दल में इसलिए पैर रखता है कि उसे मजा मिलेगा तो वह यहां पर गलत है क्योंकि नशा ही उसके लिए सजा बन जाता है और बाकी बचा मन का सुकून भी दुख में परिवर्तित हो जाता है। उन्होने कहा कि यह नशा-नशा नहीं, हमारे नाश की निशानी है। नशा करने से समाज में ओर कितनी ही कुरीतियां जन्म लेती हैं यह हम सभी को पता है। इसलिए आज से हम सभी मिलकर ऐसे लोगों को इस नर्क से निकालने के लिए एकजुट होकर चलें।प्रधानाचार्य ने बताया कि कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति अपने मित्रों, चलचित्रों, सामाजिक परिवेश और परिवार के लोगों को देखकर सीखता है। उन्होंने विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से बताया कि नशे की प्रवृत्ति मानव को परिवार और समाज से किस प्रकार दूर कर रही है। नशा करने वाले के परिवार को जो पीड़ा होती है, उसको केवल परिवार के लोग ही बता सकते हैं।