उरई(जालौन):
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण में पारदर्शिता सर्वोपरि – जिलाधिकारी
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित रखने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया । जिलाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची में किसी अपात्र, मृत या अन्यत्र स्थानांतरित मतदाता का नाम न रहे। वहीं 18 वर्ष पूर्ण कर चुके सभी पात्र युवाओं के नाम प्राथमिकता के साथ जोड़े जाएं। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) शीघ्र नियुक्त करने को कहा, ताकि बीएलओ को सहयोग मिल सके। उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक तैयारी, प्रशिक्षण एवं गणना प्रपत्रों का मुद्रण पूरा कर लिया जाएगा। 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण व संग्रहण करेंगे। 9 दिसंबर को निर्वाचन नामावली का आलेख्य प्रकाशन होगा। 9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक दावे-आपत्तियां ली जाएंगी। 9 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक सत्यापन व निस्तारण किया जाएगा। 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। डीएम ने निर्देश दिए कि किसी भी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता न हों। ड्राफ्ट प्रकाशन से पूर्व ही मतदेय स्थलों का पुनर्गठन कर लिया जाए और नए बूथ बनाए जाने की स्थिति में समय से बीएलओ नियुक्त कर दिए जाएं। वृद्ध, बीमार व दिव्यांग मतदाताओं के लिए वॉलिंटियर तैनात किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 तय की गई है, जबकि 1 अप्रैल, 1 जुलाई एवं 1 अक्टूबर 2026 के लिए भी अग्रिम आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। बैठक में उप निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी नेहा ब्याडवाल, भाजपा से शांति स्वरूप महेश्वरी, सपा से राजीव शर्मा, बसपा से भगवती शरण पांचाल, कांग्रेस से सीताराम, अपना दल (एस) से अनिल अटरिया, कम्युनिस्ट पार्टी के विनोद नगरिया सहित अन्य प्रतिनिधि व अधिकारी उपस्थित रहे।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश