नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
उपायुक्त ने ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं में तेज़ी लाने के दिए निर्देश
हजारीबाग। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को ग्रामीण विकास विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में और अधिक गति लाने का स्पष्ट निर्देश दिया।
योजनाओं में गति और निगरानी पर ज़ोर
उपायुक्त ने प्रखंडवार विभिन्न योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक समय पर पहुँचे, इसके लिए निरंतर निगरानी और फील्ड विजिट बेहद ज़रूरी है। उन्होंने योजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग नहीं करने पर कुछ बीडीओ के प्रति नाराज़गी व्यक्त की और तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मनरेगा और परिसंपत्ति सृजन पर विशेष बल
बैठक में मनरेगा (MGNREGA) योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने रोजगार सृजन दिवस बढ़ाने और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, कुआं एवं सोक पिट निर्माण जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
‘दीदी बाड़ी’ और पोषण वाटिका को प्राथमिकता
उपायुक्त ने ‘दीदी बाड़ी योजना’ को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए अधिकाधिक लाभुकों को जोड़ने पर ज़ोर दिया। इसके साथ ही, आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका निर्माण में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने की सख्त हिदायत दी गई।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
समीक्षा के दौरान बिरसा हरित ग्राम योजना, जॉब कार्ड ई-केवाईसी, आवास योजना की किश्तों का समय पर हस्तांतरण, तथा बर्मी कंपोस्ट एवं नाडेप निर्माण जैसे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इन कार्यों को मनरेगा योजनाओं से जोड़कर अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को रोज़गार उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने सभी प्रखंडों को मनरेगा के तहत दिए गए लक्ष्यों का निष्पादन कर, अगली समीक्षा बैठक में कार्य संपादन की प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त, प्रशिक्षु आईएएस, और डीआरडीए निदेशक भी मौजूद थे।