सिरोही
जिम्मेदारों की उदासीनता से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा,
सोशल मीडिया पर वायरल हुई लड्डू तस्वीरों से मचा बवाल
सरकार की उदासीनता पर जनता का फूटा गुस्सा — “किसान रो रहा है, नेता लड्डू खा रहे हैं!”
केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को सौंपा गया ज्ञापन, जल्द खनन परियोजना को निरस्ती की मांग!
प्रस्तावित खनन परियोजना के विरोध में क्षेत्र में उबाल,
वाटेरा के बाद आज भारजा गांव में युवाओं ने निकाली शव यात्रा और किया पुतला दहन
सिरोही।
प्रदेश की सरकार के जिम्मेदार नुमाइंदों की उदासीनता के चलते सिरोही जिले के पिण्डवाड़ा तहसील क्षेत्र में करीब एक दर्जन गांवों के लोगों की नींद हराम हो चुकी है। ग्रामीण जब से प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना के बारे में सुने हैं, तब से लगातार आंदोलनरत हैं। लेकिन सरकार और सत्तापक्ष के नेता मानो सब कुछ नजर अंदाज कर चुके हैं। उनकी उदासीनता ने इस आंदोलन की आग अब पूरे जिले में फैला दी है, कई सामाजिक संगठन और किसान संघटन भी इस आंदोलन से जुड़ चुकी जो किसान हित और क्षेत्र हित में खनन परियोजना को निरस्त करवाने को लेकर साथ निभा रहें है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर नेताओं की ‘लड्डू खाते’ हुई तस्वीरें वायरल होने से लोगों में गहरी नाराजगी फैल गई है। जहां एक ओर ग्रामीण भूखे-प्यासे सड़कों पर धरने पर बैठे बिस्किट खा रहें हैं, वहीं दूसरी ओर नेता चूरमे का लड्डू खाते दिखे। इन तस्वीरों ने क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है।
लोगों का कहना है कि “क्षेत्र का किसान रो रहा है और नेता लड्डू खा रहे हैं, यही नेताओं की संवेदनहीनता का प्रमाण है।” और भी तरह तरह की प्रतिक्रिया लोग दें रहें है। यानि नेताओं को हाड़े हाथ लेने में कोई कमी जनता बाकि नहीं रख रही है।
केबिनेट मंत्री को सौंपा ज्ञापन
इस बीच क्षेत्र के तरुँगी निवासी युवा पदमाराम देवासी ने केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित खनन परियोजना को पूर्ण रूप से निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता पिछले डेढ़ महीने से आंदोलनरत है, लेकिन सरकार अभी तक चुप है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
खनन परियोजना को लेकर ग्रामीणों में उबाल
बताया गया है कि सिरोही जिले की पिण्डवाड़ा तहसील के वाटेरा, भीमाना, भारजा, रोहिड़ा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में इस परियोजना का विरोध जारी है।
कुल 800.9935 हेक्टेयर भूमि क्षेत्र में प्रस्तावित इस चूना पत्थर खनन परियोजना से पूरे इलाके का पर्यावरण और जीवन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यह परियोजना शुरू हुई तो पूरा क्षेत्र तबाह हो जाएगा।
भारजा गांव में आज बच्चों ने निकाली शव यात्रा, किया पुतला दहन
सरकार की अनदेखी से अब यह विरोध आंदोलन बड़े स्तर पर फैल चुका है। शनिवार रात भारजा गांव में ग्रामीणों ने मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ गली-गली शव यात्रा निकाली। बच्चों और युवाओं ने कंपनी का पुतला बनाकर गांव में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और अंत में पुतले का दहन किया। वही एक दिन पहले वाटेरा में भी शव यात्रा निकाल करके पुतले का दहन किया गया था
आर पार की लड़ाई
ग्रामीणों का कहना है कि अब यह लड़ाई आर-पार की होगी किसी भी कीमत पर वे इस खनन परियोजना को स्वीकार नहीं करेंगे। यदि सरकार ने इस खनन परियोजना को निरस्त नहीं करवाया तो जन आंदोलन पूरे राजस्थान में फैलाया जायेगा मीली जानकारी अनुसार ईडीयन टीवी न्यूज चैनल जालोर संवादाता जबरसिंह राज़ पुरोहित थांवला