धीरेन्द्र शास्त्री जी की यात्रा से भाई चारा का खतरा है तो क्या मनु स्मृति जलाने से भाई चारा बढ़ेगा कविता तिवारी
नन्दगोपाल पाण्डेय ब्यूरोचीफ सोनभद्र
आज के दौर में सनातन का सबसे ज्यादा विरोध हिन्दू स्वयं ही कर रहे हैं आस्तिक या नास्तिक होना अपनी विचारधारा है किंतु इस तरह का विरोध सनातन का अपमान ही नहीं अपितु देश की संप्रभुता पर भी सवाल उठाती है ऐसे कई नेता हैं जो सनातन का विरोध करते हैं आए हैं किंतु दामोदर यादव जी कुछ ज्यादा ही कर रहे हैं वह भी फेमस होने के लिए। दामोदर जी ने पहले तो धीरेन्द्र शास्त्री की सनातन पद यात्रा यानी हिंदू जोड़ो यात्रा का राष्ट्रपति जी को पत्र लिखकर किया जब वहां भी सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाने की धमकी दी जब इतने से भी लोगों के द्वारा प्रसिद्ध नहीं हो पाए तो अब मनुस्मृति का एक पोस्टर बनाया और सड़क पर खड़े होकर कुछ लोगों के समूह के साथ जला दिया। पोस्टर जलाओ या मनुस्मृति जलाओ बात सिर्फ सनातन के विरोध की है।
दामोदर यादव जी लगातार धीरेन्द्र शास्त्री जी की यात्रा को लेकर कहते रहे हैं कि इससे देश की संप्रभुता और भाईचारे के लिए खतरा है
मै कविता तिवारी राष्ट्रीय सवर्ण आर्मी भारत राष्ट्रीय प्रचारक पूछना चाहती हूं कि धीरेन्द्र शास्त्री जी की यात्रा से देश की संप्रभुता और अखंडता , भाईचारे को खतरा है तो मनुस्मृति जलाने से देश में भाईचारा बढ़ेगा। दामोदर यादव जी देश की शांति भंग करने का कार्य सनातन धर्म के अपमान के द्वारा कर रहे हैं
सरकार से मांग करती हूं कि करोड़ों लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले लोगों पर अंकुश लगाया जाए क्योंकि आजकल कुछ नेता धर्म विरोधी बातें एवं कार्य करके स्वयं को मसीहा बनाने की फ़िराक़ में हैं।