अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
आमला, 8 नवम्बर 2025।
खराब फसलों और बीमा राशि न मिलने से नाराज़ किसानों ने शनिवार को आमला के जनपद चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में एकत्र किसानों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर धरना दिया। आंदोलन का नेतृत्व किसान नेता रविकांत उघड़े कर रहे हैं।
किसानों ने बताया कि पीला मोजैक रोग और असमय बारिश के चलते सोयाबीन सहित कई फसलों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन अब तक न तो मुआवज़ा मिला और न ही बीमा क्लेम का भुगतान हुआ। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द राहत नहीं दी गई तो यह आंदोलन जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।
धरना स्थल पर सुबह से ही किसानों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। दोपहर तक जनपद चौक किसानों और उनके ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से खचाखच भर गया। किसान झंडे, बैनर और नारों के साथ अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे थे।
*प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार से निम्न मांगें रखीं —*
खराब फसलों का तत्काल मुआवज़ा एवं बीमा क्लेम का भुगतान
नकद का समर्थन मूल्य पर खरीदी और बकाया भुगतान
रबी फसलों के लिए 10 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति
बीज, खाद और कीटनाशक की समय पर उपलब्धता
आमला उपमंडी में सब्जी मंडी की स्थापना
बिजली बिलों में 400 रुपए विवर्तन शुल्क समाप्त करने की मांग
*इस मौके पर किसान नेता रविकांत उघड़े ने कहा —*
> “किसानों की मेहनत का हक उन्हें मिलना चाहिए। अगर हमारी फसल बर्बाद हुई है तो सरकार को तुरंत मुआवज़ा और बीमा राशि जारी करनी चाहिए। किसान अब खामोश नहीं बैठेगा।”
धरना स्थल पर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए हैं और पूरे क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने भी किसानों की मांगों का समर्थन किया है। आमला में यह आंदोलन धीरे-धीरे एक जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।