उरई(जालौन):
अनाधिकृत निर्माणों पर सख्त हो कार्यवाही:
जिलाधिकारी ने दिए सीलिंग व ध्वस्तीकरण के निर्देश:
जिलाधिकारी/उपाध्यक्ष, उरई विकास प्राधिकरण राजेश कुमार पाण्डेय ने विकास प्राधिकरण में समीक्षा बैठक कर अनाधिकृत निर्माणों, वाद निस्तारण तथा निर्माण एवं विकास कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की।जिलाधिकारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। जिन प्रकरणों में शमन मानचित्र दाखिल नहीं किए गए हैं, उन पर उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत सीलिंग, अभियोजन एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही लंबित प्रकरणों में शीघ्र शमन दाखिल कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने मार्ग प्रकाश, सड़क निर्माण एवं अवस्थापना निधि से स्वीकृत कार्यों की गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध पूर्णता पर जोर दिया तथा निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए। प्राधिकरण की राजस्व वृद्धि हेतु कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मानचित्र शुल्क के बकायेदारों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए भवन सील करने की कार्यवाही की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में कोई भी निर्माण कार्य केवल मानचित्र स्वीकृति के उपरांत ही किया जाए, अन्यथा अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर प्राधिकरण के सचिव, सहायक अभियंता, अवर अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश