जिला मुख्यालय ब्लॉक गौरीगंज बना दलालों का अड्डा
पूरा मामला गौरीगंज जिला मुख्यालय अमेठी के गौरीगंज ब्लॉक का है जहां ब्लॉक में बैठे ग्राम विकास अधिकारी ,मनमानी तरीके से नियमों को ताक पर रखकर कार्यों को करते हैं गरीब किसान ,या दिहाड़ी करने वाले मजदूरों को नहीं छोड़ा जा रहा है,
जब तक 70, से 80 हजार कमाने वाले अधिकारी 300 की दिहाड़ी करने वालों से अपनी जेब नहीं गर्म कर लेते तब तक उनका पेन एक सिग्नेचर के लिए नहीं उठता,व्यक्ति काफी गरीब है और गौरीगंज ब्लॉक में नियमों के मुताबिक जन्म प्रमाण पत्र बनने के लिए दिया था ,लेकिन महीनों तक ग्राम विकास अधिकारी विवेक यादव द्वारा केवल ब्लॉक के चक्कर लगवाए जाते हैं नाम न बताने की शर्त पर गरीब व्यक्ति ने बताया कि एक रिपोर्ट लगाने के लिए 300,से 500 तक ग्राम विकास अधिकारी द्वारा खर्चा मांगा जाता है जब तक आप उनको अपनी गाढ़ी कमाई से 300 या 500 की नोट 70,80 हजार कमाने वाले अधिकारी की जेब में नहीं जाते तब तक न जन्म प्रमाण पत्र का और ना ही मृत्यु प्रमाण पत्र पर अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट लगाई जाती है सरकार भले ही कितने नियम बना ले पर ये रिपोर्ट लगाने वाले अधिकारी गरीब से लिए बिना साइन तक नहीं करते और गरीब चक्कर पे चक्कर लगाते हुए जब तक जाता है तो मजबूरी में उनकी सेवा के लिए कड़क नोट देने को मजबूर हो जाता है
व्यक्ति के कहने पर पत्रकार द्वारा जब विवेक यादव ग्राम विकास अधिकारी के पास काल करता है तो 10 बार काल करने पर भी काल रिसीव नहीं हुआ अब आप समझ सकते हैं कि 70,80 हजार महीने कमाने वाले 300,200 के लिए तरसते हैं
यदि आपको भी ब्लॉक , में काम करवाना है तो 200,300 या इससे अधिक रुपए अधिकारी की जेब में डालने होंगे तभी रिपोट लगेगी !