सिंगरौली मध्य प्रदेश
सीएम डॉ मोहन यादव के सिंगरौली प्रवास के बाद मोरवा विस्थापन एवं पुनर्वास योजना को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। सिंगरौली महोत्सव पर जिला मुख्यालय पधारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रवास के बाद नव नियुक्त सिंगरौली विकास प्राधिकरण अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मोरवा के विस्थापितों को बेहतर सुविधाओं के साथ व्यवस्थित पुनर्वास उपलब्ध कराना प्राथमिकता में है।
जानकारी अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने सिंगरौली प्रवास के दौरान सिंगरौली के संपूर्ण विकास के साथ-साथ मोरवा विस्थापन को लेकर स्पष्ट रूप से कहा था कि क्षेत्र के लोगों को सुविधायुक्त और सुनियोजित शहर उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने भी तेजी दिखाते हुए पुनर्वास योजना को अमलीजामा पहनाने की कवायद शुरू कर दी है।
इसी क्रम में शुक्रवार को रीवा कमिश्नर बीएस जामोद और कलेक्टर गौरव बैनल समेत एसडीएम सुरेश जादव ने मोरवा पहुंचकर जयंत खदान क्षेत्र समेत वार्ड क्रमांक 10 का निरीक्षण किया। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों ने एनसीएल जयंत परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया तथा एनसीएल गेस्ट हाउस में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर पुनर्वास एवं विकास संबंधी संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने और विकास कार्यों को गति देने के निर्देश भी दिए गए।
वहीं सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नव नियुक्त अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल ने भी मोरवा विस्थापन को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है। मोरवा निवासी होने के कारण वे स्थानीय लोगों की भावनाओं और समस्याओं से भलीभांति परिचित हैं। उनका मानना है कि शहर का विलोपन नहीं बल्कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक नया और व्यवस्थित मोरवा बसाया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से वे लंबे समय से लंबित परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने और उन्हें धरातल पर उतारने के प्रयासों में जुटे हैं। विस्थापितों के लिए सिंगरौली मुख्यालय क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं से युक्त ‘न्यू मोरवा’ बसाने की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री के दौरे के महज एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन और प्राधिकरण की सक्रियता से स्थानीय लोगों में पुनर्वास को लेकर नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से अपने भविष्य को लेकर असमंजस में रहे मोरवा क्षेत्र के नागरिक अब इस उम्मीद में हैं कि पुनर्वास योजना जल्द ही धरातल पर उतरकर उन्हें बेहतर जीवन और सुरक्षित भविष्य प्रदान करेगी।
संवाददाता आशीष सोनी