राजेश मौर्य कुशीनगर
खड्डा। क्षेत्र के ग्राम नौतार जंगल में प्रधानमंत्री आवास की रकम धोखाधड़ी कर दूसरे के खाते में धनराशि भेजने के मामले में नामित जांच अधिकारी हाटा बीडीओ ने जांच पूरी कर ली है। उनकी जांच में बड़ी अनियमितता मिली है। इस प्रकरण में निलंबित ग्राम सचिव दोषी मिले हैं। जांच पूरी होने के बाद निलंबित सचिव पर बड़ी कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है। खड्डा क्षेत्र के नौतार जंगल गांव की झोपड़ी में गुजर बसर करने वाली मुनिया के नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। इसकी आइडी up141882955 थी। उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद गांव के तत्कालीन सचिव उदयभान शर्मा व अन्य जिम्मेदारों ने मुनिया को मिले पीएम आवास की सरकारी धन हड़पने की नियत से मुनिया की जगह मिलते जुलते नाम की दूसरी महिला को खड़ा कर जियो टैग करा लिया। इसके बाद ग्राम सचिव समेत अन्य जिम्मेदारों की मिलीभगत से 31 अक्तूबर 2023 को 40 हजार, 19 दिसंबर 2023 को 70 हजार और 15 जनवरी 2024 को 10 हजार रुपये समेत कुल 1.20 लाख रुपये डमी (फर्जी) महिला के खाते में भेजकर रुपये निकाल लिए। इस मामले में सबसे रोचक बात यह थी कि बिना घर बने ही मजदूरी दे दी गई, जबकि हकीकत में न कोई घर बना न मजदूरी दी गई। इस मामले में पीएम आवास की असली हकदार मुनिया के पुत्र लक्ष्मण उर्फ मुसहर आज भी झोपड़ी में रह रहे हैं। इसकी जानकारी होने पर मुनिया के पुत्र लक्ष्मण ने डीएम सहित अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद मामले की जांच हुई तो परियोजना निदेशक ने जांच में दोषी पाते हुए सचिव उदयभान शर्मा के विरुद्ध जिला विकास अधिकारी को पत्र भेजा। बीते सितंबर में जिला विकास अधिकारी अरुण पांडेय ने सचिव उदयभान शर्मा को निलंबित करते हुए हाटा ब्लाॅक से अटैच कर दिया था। इसके बाद डीडीओ ने हाटा बीडीओ हरिश्चंद्र को जांच अधिकारी नामित कर 15 दिन में जांच रिपोर्ट मांगी।