केशव साहू : डोंगरगढ बीते रात नागतरई रोड से रात तकरीबन 8 बजे लकड़ी परिवहन करते देखा गया लकड़ी परिवाहन करने वाले से पूछा गया तो अपना नाम नही बता पा रहा था दुबारा नाम पूछने पर अपने भाई का नाम बताया जित्तू साहू मुड़पार निवासी बताया गया लकड़ी को ईटभट्ठा में उपयोग करना बताया गया जित्तू साहू का एक और भाई है जो उपसरपंच टीकम साहू ग्राम मूडपार निवासी बताया जा रहा है जिनका अवैध लकड़ी अवैध ईट भट्ठे और रेत का कारोबार है जो की किसी नेता के इशारे में इस खेल का कारोबार जम के होता है इनके टेक्टर में न गाड़ी का नम्बर है न ही कोई भी दस्तावेज है इनके ट्रैक्टर में पूरे भरपूर लकड़ियां लोड थी जिसमे इमारती लकड़ी भी सामिल है
आवाजाही शांत होने पर परिवहन रात में ही किया जाता है

कार्यवाही के नाम पर बस खानापूर्ति का खेल है
लकड़ी काटना वन्यजीवों के लिए घातकउनके घर और जीवन का आधार छीन लेता है
जिनसे उनकी आबादी घटती है और पारिस्थितिक तंत्र असंतुलित हो जाता है
मानव वन्यजीव पे असरघर खोने के बाद जानवर भोजन और आश्रय की तलाश में इंसानी बस्तियों में घुस आते है जिससे दोनो को नुक्सान पहुंचा है
जलवायु परिवर्तनतापमान में बदलाव आता है जो जानवरो और इंसानों के लिए हानिकारक है
भोजन की कमीकई जानवर भोजन के लिए पेड़ो और जंगलों पर निर्भर होते है पेड़ो की कटाई से उनके भोजन के स्रोत खत्म हो जाते हैं जिससे भुखमरी फैलती है