गिरोह के रूप में कार्य करने की आशंका
बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) से सेवानिवृत्त जवान संदीप त्यागी पर लगभग 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। संदीप त्यागी पूर्व में टेकनपुर (मध्यप्रदेश) में पदस्थ रहे हैं और वर्तमान में मेरठ (उत्तर प्रदेश) के निवासी बताए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय संगठन नमो संघ के संगठन मंत्री हेमंत शर्मा ने आरोप लगाया है कि संदीप त्यागी ने उनसे एक निश्चित कार्य कराने के नाम पर लगभग 5 लाख रुपये की राशि ली, लेकिन न तो कार्य किया गया और न ही बाद में उनसे संपर्क किया गया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि राशि लेने के बाद संबंधित व्यक्ति फोन कॉल और अन्य माध्यमों से संपर्क से बचता रहा।
कई स्तरों पर शिकायत, फिर भी कार्रवाई शून्य
पीड़ित हेमंत शर्मा का आरोप है कि इस संबंध में उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को लिखित शिकायतें सौंपीं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। शिकायतों के बावजूद आरोपी द्वारा न तो जवाब दिया गया और न ही किसी तरह की पहल की गई।
केंद्रीय मंत्रियों को सौंपा गया ज्ञापन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित पक्ष ने रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ तथा केंद्रीय कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल को भी लिखित ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की गई है।
प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल
मामला केंद्रीय स्तर तक पहुंचने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कदम न उठाए जाने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि शिकायत के बाद भी आरोपी द्वारा फोन तक नहीं उठाए गए, जिससे संदेह और गहराता जा रहा है।
गिरोह के रूप में कार्य करने की आशंका
पीड़ित पक्ष ने यह भी आशंका जताई है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित न होकर किसी संगठित गिरोह से भी जुड़ा हो सकता है, जो इस तरह के मामलों को अंजाम दे रहा हो। इस बिंदु पर भी गहन जांच की मांग की गई है।
निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़ित पक्ष ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिल सके।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस मामले में कब तक संज्ञान लेते हैं और पीड़ित को न्याय कब मिलता है।