न्याय की रफ्तार और अनुशासन पर चीफ जस्टिस का जोर, हजारीबाग कोर्ट का किया सघन निरीक्षण
नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग।
हजारीबाग। झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश महेश शरदचंद्र सोनक के हजारीबाग आगमन से शनिवार को न्यायिक गलियारों में विशेष हलचल रही। जिले के भ्रमण पर पहुंचे चीफ जस्टिस ने सिविल कोर्ट का गहन निरीक्षण करते हुए न्याय व्यवस्था की नब्ज टटोली और अधीनस्थ न्यायालयों को कार्यप्रणाली में तेजी लाने का कड़ा संदेश दिया। उनका यह दौरा न्यायिक बुनियादी ढांचे को परखने और वादियों को मिल रही सुविधाओं की समीक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सिविल कोर्ट परिसर पहुँचने पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार ने पौधा भेंट कर मुख्य न्यायाधीश का आत्मीय स्वागत किया, जिसके उपरांत पुलिस की सशस्त्र टुकड़ी ने उन्हें विधिवत गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी। निरीक्षण के क्रम में न्यायमूर्ति सोनक ने कोर्ट परिसर, उपलब्ध संसाधनों और न्यायिक फाइलों के निस्तारण की प्रक्रिया का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि त्वरित न्याय वितरण प्रणाली सुनिश्चित करना ही न्यायालय की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने न्यायालयीन अनुशासन का सख्ती से पालन करने और अधीनस्थ न्यायालयों की कार्यक्षमता को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर झारखंड उच्च न्यायालय के महानिबंधक सत्य प्रकाश सिन्हा विशेष रूप से उनके साथ थे। साथ ही हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन समेत जिला एवं पुलिस प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्य न्यायाधीश के इस दौरे ने जिले के न्यायिक और प्रशासनिक तंत्र में तत्परता और सजगता का एक नया अध्याय जोड़ा है।