सिंगापट्टी गांव की बात करे तो 16 जनवरी को बांसी पिच से मदन गुप्ता के खेत तक चकमार्ग पर 24 मजदूर , हरीश कुशवाहा के घर से गंभीरिया बॉर्डर पिच पटरी पर 68 मजदूर और बंसी टोला से रामघाट बॉर्डर तक 39 मजदूरो से मिट्टी कार्य करवाने का दावा किया गया है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कोई काम नहीं हुआ और ना ही इन साइडो पर कोई मजदूर 16 जनवरी को दिखाई दिये। यह बात दीगर है कि कागजों और फोटो के खेल मे फर्जी मजदूरी व अन्य खर्च के नाम पर लाखो रुपये जेब मे भरने का खेल चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल औपचारिकता निभाने के लिए फोटो खिंचवाई जाती हैं, और कागजों में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन को बडी ही चतुराई से बेखौफ लूटा जा रहा है। इस पूरे खेल में रोजगार सेवक, पंचायत प्रतिनिधि और ब्लाक से लगायत जिले के मनरेगा अधिकारी की संलिप्तता बतायी जा रही है, जो गरीब मजदूरों के हक पर खुलेआम डाका डाल रहे