नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो हजारीबाग
रामगढ़/हजारीबाग: मां छिन्नमस्तिका की आध्यात्मिक ऊर्जा और ऐतिहासिक शौर्य गाथाओं को अपने आँचल में समेटे रामगढ़ की पावन धरा आगामी 08 फरवरी 2026 को मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकार के एक अलौकिक महाकुंभ की साक्षी बनने जा रही है।
हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के भगीरथ प्रयास से आयोजित ‘सांसद सामूहिक विवाह उत्सव-2026’ न केवल 101 निर्धन कन्याओं के हाथ पीले कर रहा है, बल्कि समाज में सेवा, समर्पण और स्वावलंबन का एक ऐसा अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करने जा रहा है, जो भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। शहनाइयों की मधुर गूंज और मांगलिक गीतों के बीच रामगढ़ का वातावरण उत्सवधर्मी हो चला है और तैयारियां अपने पूरे शबाब पर हैं।
इस ऐतिहासिक महा-आयोजन का शुभारंभ 08 फरवरी को प्रातः 09:00 बजे रामगढ़ छावनी परिषद के फुटबॉल ग्राउंड से एक भव्य ‘महा-बारात’ के साथ होगा। यह दृश्य अद्भुत होगा जब 101 वाहनों के काफिले में सजे दूल्हों की अगुवाई स्वयं सांसद मनीष जायसवाल और भोजपुरी मृदुल कंठ के धनी सांसद व प्रख्यात गायक मनोज तिवारी करेंगे। गाजे-बाजे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर थिरकते हजारों बारातियों का जनसैलाब सुभाष चौक और झंडा चौक होते हुए सिद्धू-कान्हु मैदान पहुंचेगा, जहाँ रामगढ़ के इतिहास में पहली बार एक साथ इतनी विशाल संख्या में बारातियों का स्वागत होगा। सिद्धू-कान्हु मैदान को एक वृहद और नयनाभिराम विवाह मंडप का स्वरूप दिया जा रहा है, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार और भारतीय संस्कृति की भव्यता जीवंत हो उठेगी।
विवाह संस्कार की पवित्रता को नई ऊंचाई देने के लिए देश-विदेश में ख्याति प्राप्त राघवेंद्र कुमार गौतम उर्फ राघव पंडित अपने विशिष्ट समूह के साथ ‘म्यूजिकल फेरे’ और मंगलाचरण के माध्यम से दांपत्य जीवन की नींव रखेंगे। प्रातः 10:00 बजे से हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सैकड़ों विद्वान ब्राह्मणों के सानिध्य में पाणिग्रहण संस्कार संपन्न होगा।
सांसद मनीष जायसवाल की यह पहल मात्र विवाह तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नव-दंपतियों के आर्थिक सशक्तिकरण का भी महायज्ञ है। जहां गत वर्ष विदाई में इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान की गई थी, वहीं इस वर्ष सांसद ने दूल्हों को रोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा (टोटो) और गृहस्थी के लिए आवश्यक 37 प्रकार की सामग्रियां उपहार स्वरूप देने का संकल्प लिया है। चयनित जोड़ों में दिव्यांगजन और अनाथ कन्याओं को प्राथमिकता देकर सांसद ने यह सिद्ध किया है कि यह आयोजन राजनीति से परे, विशुद्ध रूप से मानवीय उत्थान का अनुष्ठान है।
उत्सव की पूर्व संध्या पर ही रामगढ़ और हजारीबाग का वातावरण हल्दी और मेहंदी की भीनी खुशबू से महक उठा है। भाजपा महिला मोर्चा की बहनों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रामगढ़ के ब्रह्मर्षि धर्मशाला और हजारीबाग के पैराडाइज रिसॉर्ट में हल्दी-मेहदी की रस्में पूरी की गईं, जिससे कन्याओं के चेहरे खिल उठे। आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सांसद का पूरा परिवार और समर्थक युद्धस्तर पर जुटे हैं। सांसद की धर्मपत्नी निशा जायसवाल स्वयं वधुओं के परिधान और श्रृंगार की बारीकियों को देख रही हैं, वहीं उनके अनुज निशांत और पुत्र करण जायसवाल व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं। स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार किए गए विशेष परिधानों में जब 101 जोड़े विवाह मंडप में बैठेंगे, तो वह दृश्य निश्चय ही रामगढ़ की गौरवशाली मिट्टी में सेवा की एक नई सुगंध घोलेगा। सांसद मनीष जायसवाल का यह आह्वान कि ‘सक्षम समाज वही है जो अपनी बेटियों के लिए संबल बने’, आज एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें सम्मिलित होने के लिए पूरा हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र आतुर है।