उरई(जालौन):
आज जनपद जालौन के एडमिनिस्ट्रेटिव जज, जस्टिस सौरव श्रीवास्तव ,उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा जिला जेल उरई का भ्रमण/निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सर्व प्रथम ऑनरेबल जस्टिस ने जेल अधीक्षक नीरज देव से कारागार की मूल जानकारी प्राप्त की तत्पश्चात कारागार पर आयोजित विधिक साक्षरता / सहायता शिविर में बंदियों से सीधे रूबरू होकर वार्ता की। उनकी समस्याओं को सुना और उसका समाधान व मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में ऑनरेबल जस्टिस ने समस्त बंदी गण को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं का पूर्ण लाभ प्रदान किए जाने की सलाह दी तथा LADC को अपना कार्य कर्तव्य परायणता व कर्मठता से करने के निर्देश दिए । साथ ही जेल प्रशासन को बंदियों के मूलभूत अधिकारों को सदैव संरक्षित करने के निर्देश दिये। कारागार के भ्रमण के दौरान कारागार की व्यवस्थाओं पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ऑनरेबल जस्टिस ने इसी प्रकार भविष्य में और रचनात्मक व आवश्यक क़दम बंदी हित में उठाते रहने की सलाह दी ।जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव ने अपने भाषण के माध्यम से बताया कि वह उच्च न्यायालय के जस्टिस बनने के पूर्व विधिक सहायता से जुड़े रहे हैं। इस मौक़े पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शाम्भवी-प्रथम उपस्थित रहीं तथा LADC ने बंदियों को विधिक सहायता हेतु जागरूक किया । कार्यक्रम के अंत में जेल अधीक्षक नीरज देव ने ऑनरेबल जस्टिस का धन्यवाद व्यक्त करते हुए ऑनरेबल जस्टिस को कारागार की ओर से प्रतीक चिन्ह भेंट किया ।इस मौक़े पर सचिव, DLSA जालौन श्रीमती शाम्भवी प्रथम, कारापाल प्रदीप कुमार, कारागार चिकित्साधिकारी डॉक्टर राहुल बर्मन, उप कारापाल अमर सिंह व राम लखन , जनपद जालौन के विधिक सहायता डिफेंस काउंसिलस अभिषेक, दीपक, जालौन चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के सदस्य, मेडिकल कॉलेज उरई से psychiatrist व साइकोलॉजिस्ट तथा अन्य स्टाफ उपस्थित रहा ।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख उरई-जालौन) उत्तर प्रदेश