वाराणसी से प्रवीण मिश्रा की रिपोर्ट।
इंडियन टीवी न्यूज नैशनल।
महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर जनपद में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए आज अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय कमिश्नरेट वाराणसी तथा जिलाधिकारी जनपद वाराणसी श्री सत्येन्द्र कुमार के साथ संयुक्त रूप से मार्कण्डेय महादेव मंदिर, कैथी घाट एवं उससे संबद्ध मार्गों का विस्तृत निरीक्षण एवं भ्रमण किया गया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा आपात स्थितियों से निपटने हेतु की गई तैयारियों की गहन समीक्षा करना था।
निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर, दर्शन पथ, प्रवेश–निकास मार्ग, बैरिकेडिंग व्यवस्था, घाट क्षेत्र, पार्किंग स्थल, यातायात डायवर्जन, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम, जल पुलिस की तैनाती, नाव संचालन, चिकित्सा एवं अग्निशमन व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निम्नलिखित स्पष्ट, कठोर एवं समयबद्ध निर्देश प्रदान किए गए—
1. सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था
महाशिवरात्रि पर्व के दौरान मंदिर एवं घाट क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए पर्याप्त पुलिस बल, पीएसी एवं महिला पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
सभी ड्यूटी पॉइंट्स पर अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर सतत निगरानी करेंगे, किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
संदिग्ध व्यक्तियों, असामाजिक तत्वों एवं अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखते हुए तत्काल विधिक कार्रवाई की जाएगी।
2. भीड़ प्रबंधन एवं दर्शन व्यवस्था
मंदिर परिसर में वन-वे दर्शन प्रणाली को सख्ती से लागू किया जाए।
बैरिकेडिंग इस प्रकार की जाए कि किसी भी स्थिति में भीड़ का दबाव एक बिंदु पर एकत्र न हो।
बुजुर्ग, दिव्यांग एवं महिला श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पृथक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
3. यातायात व्यवस्था
पर्व अवधि के दौरान पूर्व निर्धारित यातायात डायवर्जन योजना को पूर्ण सख्ती के साथ लागू किया जाए।
अवैध पार्किंग, सड़क किनारे ठेले, अस्थायी अतिक्रमण को पूर्णतः प्रतिबंधित किया जाए।
पार्किंग स्थलों का स्पष्ट चिन्हांकन कर आमजन को समय से अवगत कराया जाए।
4. कैथी घाट एवं जल सुरक्षा
कैथी घाट पर जल पुलिस, गोताखोर, रेस्क्यू बोट एवं लाइफ जैकेट की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नाव संचालन पूर्णतः नियंत्रित रहे तथा क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाने पर कठोर कार्रवाई की जाए।
घाट क्षेत्र में निरंतर पेट्रोलिंग कर किसी भी अप्रिय घटना को रोका जाए।
5. निगरानी एवं तकनीकी व्यवस्था
मंदिर एवं घाट क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन कैमरों के माध्यम से 24×7 निगरानी सुनिश्चित की जाए।
सभी कैमरे एवं कंट्रोल रूम पर्व से पूर्व पूर्णतः क्रियाशील अवस्था में हों।
6. आपात, स्वास्थ्य एवं नागरिक सुविधाएँ
स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन सेवा, विद्युत विभाग एवं नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित कर एम्बुलेंस, फायर टेंडर, प्राथमिक चिकित्सा, प्रकाश एवं स्वच्छता की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) तत्काल सक्रिय रहेगा।
निरीक्षण एवं भ्रमण के उपरांत अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय एवं जिलाधिकारी महोदय द्वारा स्थानीय जनप्रतिनिधियों, क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, मार्कण्डेय महादेव मंदिर के पुजारियों, मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों तथा अन्य संभ्रांत व्यक्तियों के साथ विस्तृत विचार–विमर्श एवं बैठक की गई।
बैठक के दौरान मंदिर में दर्शन व्यवस्था, पूजन विधि, भीड़ के दबाव के समय अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, आपात स्थिति में त्वरित सूचना प्रणाली तथा प्रशासन–मंदिर प्रबंधन के मध्य समन्वय से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गणमान्य व्यक्तियों एवं पुजारियों द्वारा महाशिवरात्रि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित संख्या, परंपरागत धार्मिक प्रक्रियाओं एवं स्थानीय व्यावहारिक समस्याओं के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए, जिन पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए प्रशासन द्वारा उन्हें व्यवहारिक एवं जनहित में अपनाने का आश्वासन दिया गया।
अपर पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा मंदिर प्रबंधन एवं पुजारियों से अपेक्षा की गई कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित दर्शन व्यवस्था, समय-सारिणी एवं सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित कराएँ तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति में तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को सूचित करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि महाशिवरात्रि पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं मर्यादित वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन, मंदिर प्रबंधन एवं जनसामान्य की साझी जिम्मेदारी है।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी जनपद वाराणसी द्वारा भी सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने, समय से तैयारियाँ पूर्ण करने तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि महाशिवरात्रि पर्व पूर्णतः शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।
निरीक्षण के दौरान पुलिस उपायुक्त, वरूणा जोन, प्रमोद कुमार, ज्वाइट मजिस्ट्रेट नितिन सिंह, स0पु0आ0 सारनाथ, विदूष सक्सेना संबंधित प्रशासनिक, पुलिस अधिकारीगण एवं एनडीआरएफ तथा अन्य विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।।