बरेली। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का शुभारंभ बुधवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच हुआ। जिले के 130 परीक्षा केंद्रों पर करीब 92 हजार परीक्षार्थियों ने हिंदी विषय का पेपर दिया। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही छात्रों की भीड़ और चेहरे पर आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
परीक्षा देकर बाहर निकले विद्यार्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र उम्मीद से ज्यादा आसान रहा। अधिकतर सवाल वही आए, जिनकी उन्होंने सालभर तैयारी की थी। आउट ऑफ सिलेबस कुछ भी न आने से छात्रों में संतोष और अगले पेपर के लिए उत्साह बढ़ गया है। अभिभावकों ने भी राहत की सांस ली और बच्चों के चेहरे पर मुस्कान देख संतोष जताया।
सुरक्षा का अभेद्य किला, ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू नकल रोकने के लिए प्रशासन ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। जिले को 7 जोन में बांटकर प्रत्येक जोन में एक-एक मजिस्ट्रेट तैनात किया गया है। इसके अलावा कुल 129 स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्रों पर निगरानी कर रहे हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) अजित कुमार सिंह ने बताया कि हर परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। परीक्षा कक्षों के साथ-साथ प्रश्नपत्रों के स्ट्रांग रूम की भी डबल लेयर कैमरों से मॉनिटरिंग हो रही है, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
हाईटेक कमांड कंट्रोल रूम से लाइव निगरानी बरेली क्षेत्रीय कार्यालय में बनाए गए हाईटेक कमांड कंट्रोल रूम से बरेली और मुरादाबाद मंडल के 9 जिलों की परीक्षा केंद्रों की लाइव स्ट्रीमिंग की जा रही है।
बोर्ड कार्यालय के सचिव मुन्ने अली के अनुसार, प्रत्येक जिले के लिए एक विशेष ऑपरेटर तैनात है, जो कंप्यूटर स्क्रीन पर रीयल-टाइम गतिविधियों पर नजर रख रहा है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर केंद्र व्यवस्थापकों के खिलाफ सीधे वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
अनुशासन और उत्साह का संगम पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रही। प्रशासन की सख्ती और तकनीकी निगरानी के बीच विद्यार्थियों ने पूरी एकाग्रता के साथ परीक्षा दी।
यूपी बोर्ड की इस परीक्षा ने साफ संदेश दिया है कि अब नकल पर पूरी तरह लगाम और मेधा को पूरा सम्मान — यही इस बार की परीक्षा की सबसे बड़ी विशेषता है।
प्रवन पाण्डेय ITN National जिला संवाददाता बरेली