बरेली। फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसों को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। अवैध कटों के कारण लगातार हो रही दुर्घटनाओं और जानमाल के नुकसान को देखते हुए शनिवार को एक संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया, जिसने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई उम्मीद जगा दी है।
निरीक्षण में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), हाईवे विभाग, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम शामिल रही। अधिकारियों ने धनेटा फाटक, थानपुर, औंध, उनासी चौराहा, राधा कृष्ण मंदिर, एएनए कट से लेकर झुमका तिराहे तक के संवेदनशील स्थलों का गहन निरीक्षण किया और जमीनी हकीकत को परखा।
टीम ने विशेष रूप से अवैध कटों के कारण हो रही दुर्घटनाओं, भारी यातायात दबाव और पैदल राहगीरों की असुरक्षित आवाजाही का गंभीरता से मूल्यांकन किया। अधिकारियों ने माना कि कुछ स्थानों पर अव्यवस्थित कट सड़क सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं।
हाईवे विभाग के अधिकारी डीपी सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को शून्य पर लाने के उद्देश्य से विशेष टीम गठित की गई है। विस्तृत सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर अवैध कटों को बंद करने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की ठोस कार्ययोजना बनाई जाएगी।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे जल्दबाजी में अवैध रास्तों का प्रयोग न करें और निर्धारित अंडरपास व सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करें। अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है—“सुरक्षित सफर ही सच्ची समझदारी है।”
हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठाया गया यह कदम न केवल प्रशासन की सजगता दर्शाता है, बल्कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता भी साबित करता है। यदि नियमों का पालन किया गया, तो निश्चित ही फतेहगंज पश्चिमी का यह मार्ग सुरक्षित यात्रा का उदाहरण बन सकता है।
प्रवन पाण्डेय ITN National जिला संवाददाता बरेली