सहारनपुर- अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-3, सहारनपुर के न्यायाधीश विकास गुप्ता (एच.जे.एस.) की अदालत ने वर्ष 2016 के बहुचर्चित ग्राम कुण्डाखुर्द, थाना गंगोह हत्याकांड मामले में 13 अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने प्रकरण को “दुर्लभ से दुर्लभतम” की श्रेणी में न मानते हुए मृत्युदंड देने से इंकार किया। क्या था मामला मुकदमा अपराध संख्या-625/2016 में आरोप था कि अभियुक्तगण अवैध कब्जे की नीयत से वादी पक्ष के खेत में घुस आए और तमंचों से फायरिंग व लाठी-डंडों से हमला किया।घटना में यामीन व तासीन की गोली लगने से मृत्यु हो गई, जबकि अख्तर, गुलफाम व अलीजान गंभीर रूप से घायल हुए।किन धाराओं में हुई सजा अदालत ने सत्र परीक्षण संख्या-189/2017, 295/2017 एवं 475/2017 में अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149, 307/149 व 323/149 के तहत दोषी ठहराया। सत्र परीक्षण संख्या-190/2017, 191/2017, 192/2017 व 193/2017 में संबंधित अभियुक्तों को आयुध अधिनियम की धारा 25 के अंतर्गत भी दोषसिद्ध किया गया। हालांकि न्यायालय ने धारा 504, 506 भादंसं तथा आयुध अधिनियम की धारा 27 के आरोपों से सभी संबंधित अभियुक्तों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। सजा का विवरण धारा 302/149 भादंसं के तहत प्रत्येक दोषी को आजीवन कारावास व 50,000 रुपये अर्थदंड। धारा 307/149 के तहत 10 वर्ष का कठोर कारावास व 30,000 रुपये अर्थदंड। धारा 323/149 के तहत एक वर्ष का कठोर कारावास व 1,000 रुपये अर्थदंड। आयुध अधिनियम की धारा 25 में दोषी अभियुक्तों को तीन वर्ष का कठोर कारावास व 5,000 रुपये अर्थदंड। अर्थदंड न चुकाने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी तथा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित की जाएगी। न्यायालय की टिप्पणी सजा के प्रश्न पर अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों — Bachaan Singh v. State of Punjab, Machi Singh v. State of Punjab, Lehna v. State of Haryana तथा Harshesh Mohan Das Rajput v. State of Maharashtra — का हवाला देते हुए कहा कि मृत्युदंड केवल “विरल से विरलतम” मामलों में ही दिया जाना चाहिए। न्यायालय ने माना कि अपराध गंभीर है, परंतु इसे समाज के लिए घातक श्रेणी का दुर्लभतम मामला नहीं माना जा सकता। सभी दोषियों को सजा भुगतने हेतु जिला कारागार, सहारनपुर भेज दिया गया है। निर्णय की प्रतियां अभियुक्तों को निःशुल्क प्रदान की गईं।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़