सिंग्रामपुर सुनील शुक्ला
बनवार और नोहटा में आयोजित शिविरों की श्रृंखला के बाद शुक्रवार को जबेरा जनपद अंतर्गत सिंग्रामपुर ग्राम पंचायत भवन में ‘संकल्प से समाधान’ क्लस्टर शिविर आयोजित किया गया। 24 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियों की भागीदारी के साथ लगे इस शिविर में विभिन्न विभागों की समस्याओं पर सुनवाई की गई।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई। शिविर में कुल 270 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 253 का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों पर कार्यवाही जारी है।
डिलीवरी प्वाइंट नहीं, 30 गांवों की बढ़ी चिंता
शिविर में सिंग्रामपुर में डिलीवरी प्वाइंट की अनुपलब्धता प्रमुख मुद्दा बनकर सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तैयार है, लेकिन प्रसूति सुविधा शुरू नहीं होने से लगभग 30 गांवों की गर्भवती महिलाओं को 15–20 किलोमीटर दूर कटंगी या जबेरा अस्पताल जाना पड़ता है।
ग्रामवासी इंद्र कुमार शुक्ला ने जनपद सीईओ को आवेदन सौंपते हुए कहा कि डिलीवरी प्वाइंट न होने से आपात स्थिति में जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।
छह माह से बंद पेंशन, फिंगरप्रिंट बना बड़ी बाधा
ग्राम करोंदी निवासी सिया रानी ने बताया कि उनकी सामाजिक सुरक्षा पेंशन पिछले छह माह से बंद है। वे पेंशन पुनः शुरू कराने के लिए शिविर में आवेदन देने पहुंचीं।
कई अन्य बुजुर्ग हितग्राहियों ने भी बताया कि बैंक या आधार आधारित सत्यापन के दौरान फिंगरप्रिंट मैच न होने की समस्या के कारण पेंशन अटक रही है। यह समस्या शिविर में प्रमुख रूप से उभरकर सामने आई। अधिकारियों ने मामले के समाधान का आश्वासन दिया और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही।
प्रमाण पत्र वितरण
शिविर के दौरान 4 वर्षीय सुभि ताम्रकार को विकलांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, जिससे परिवार को शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
अधिकारियों ने दी जानकारी
शिविर में तहसीलदार सोनम पांडे, जनपद सीईओ डॉ. रामेश्वर पटेल, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी रिंकल घनघोरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
तहसीलदार सोनम पांडे ने बताया कि शिविर का उद्देश्य समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
जनपद सीईओ डॉ. रामेश्वर पटेल ने कहा कि 24 पंचायतों के लिए लगाए गए इस शिविर में प्राप्त आवेदनों का यथासंभव निराकरण किया जा रहा है और शाम 5 बजे तक समाधान प्रक्रिया जारी रही।
कार्यक्रम में निरपत सिंह, कनिष्ठ यंत्री महेश महतो, मनोज पटेरिया, देवेंद्र जाटव (पटवारी) परियोजना अधिकारी जबेरा, अजय राय,गोलू साहू, मुलायम चंद जैन, दीपक यादव सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, सरपंच प्रतिनिधि अजय सोनकर , सचिव राकेश ठाकुर , महेन्द्र सिंह,आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
अब नजर समाधान पर
आंकड़ों में 253 आवेदनों का निराकरण दर्ज हुआ है, लेकिन डिलीवरी प्वाइंट और पेंशन जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर अब ग्रामीणों की निगाहें टिकी हैं।
‘संकल्प से समाधान’ की वास्तविक सफलता तब मानी जाएगी, जब इन प्रमुख मांगों पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई जमीन पर दिखाई दे।