अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
बैतूल। विज्ञान केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रयोग और व्यवहारिक समझ से ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर साइंस मॉडलों की क्रियाविधि विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला एवं विज्ञान मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय, चिचोली में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन सागर ग्राम उत्थान महिला एवं बाल विकास समिति बैतूल द्वारा किया गया। जिसमें विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की अध्यक्ष प्रिया सिकदार ने की। उन्होने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच विकसित करने एवं नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। विषय विशेषज्ञ मनोज धोटे, रवि मंडवे, ओमप्रकाश तथा शैलेन्द्र मालवीय ने ज्वालामुखी मॉडल, जल शुद्धिकरण, सौर ऊर्जा एवं पवन चक्की जैसे मॉडलों की कार्यप्रणाली को सरल एवं प्रयोगात्मक तरीके से समझाया। विद्यालय के प्राचार्य ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों में जिज्ञासा एवं अनुसंधान की भावना को बढ़ावा देती हैं। शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने मॉडल प्रस्तुति दी तथा विज्ञान संबंधी प्रश्नोत्तरी में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य डॉ.सीवी रमन की वैज्ञानिक खोज रमन प्रभाव के महत्व को समझाना एवं युवाओं में वैज्ञानिक चेतना का विकास करना था।