सहारनपुर। में पहली बार स्टाम्प घोटालों पर इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने साफ संदेश दिया है कि राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा- जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय से फरवरी 2026 में स्टाम्प से जुड़े 27 वादों का निस्तारण करते हुए कुल 3 करोड़ 32 लाख 18 हजार 529 रुपये का भारी अर्थदंड आरोपित किया गया है- इस कार्रवाई से अवैध प्लॉटिंग और गलत तरीके से बैनामा कराने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है- जांच में सामने आया कि कई मामलों में पक्षकारों ने जमीन को कृषि भूमि दर्शाकर कम स्टाम्प शुल्क पर बैनामा पंजीकृत कराया, जबकि मौके पर जांच के दौरान वही जमीन अकृषिक उपयोग में पाई गई- प्रशासन की इस कड़ी जांच में ग्राम गन्देवडा, शेखूपुर उर्फ छाछरेकी, खुशहालीपुर, जन्धेडी तथा देवबन्द बैरून हदूद से जुड़े कई मामले सामने आए- ग्राम गन्देवडा के 7 मामलों में जमीन को कृषि भूमि दिखाकर बैनामा कराया गया- जबकि जांच में वह भूमि सेगमेंट पर स्थित अकृषिक पाई गई- वहीं शेखूपुर उर्फ छाछरेकी में तीन मामलों में मौके पर प्लॉटिंग, ईंटों की निशानदेही और रास्ते बनाकर आवासीय गतिविधियां संचालित होती मिलीं- इसके बावजूद दस्तावेजों में भूमि को कृषि बताया गया था- खुशहालीपुर में दो मामलों में जमीन को सर्किल रेट से कम मूल्य पर दर्शाकर पंजीकरण कराया गया, जबकि वह आबादी क्षेत्र के समीप पाई गई- इसी तरह जन्धेडी में सहारनपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित भूमि को भी कृषि दर्शाकर बैनामा कराया गया था- जिला मजिस्ट्रेट मनीष बंसल ने स्पष्ट कहा कि राजस्व को हानि किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं है- ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी- प्रशासन की इस ऐतिहासिक कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अब सहारनपुर में नियमों से खिलवाड़ करने वालों पर कानून की पकड़ और सख्त होने वाली है
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़