हरिकेश मिश्रा इंडियन न्यूज़ टीवी तहसील रिपोर्टर
मेजा, प्रयागराज। सरकारी अस्पतालों में ‘भगवान’ कहे जाने वाले डॉक्टरों की एक ज़िद कैसे किसी की हँसती-खेलती ज़िंदगी को उजाड़ सकती है, इसका खौफनाक उदाहरण मेजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में देखने को मिला है। CHC अधीक्षक डॉ. समीम अख्तर पर आरोप है कि उन्होंने नर्स की मेडिकल रिपोर्ट को दरकिनार कर, एक गर्भवती महिला को न केवल हायर सेंटर जाने से रोका, बल्कि अपनी हठधर्मिता के कारण उसे मौत के मुँह में धकेल दिया।
“डॉक्टर मैं हूँ, नर्स नहीं…” – ज़िद ने बिगाड़ा खेल
पीड़ित भाई गुलाम साबिर (सोनू अंसारी) की शिकायत के अनुसार, 17 फरवरी को उनकी बहन सना को प्रसव पीड़ा के चलते मेजा CHC लाया गया था। ड्यूटी पर तैनात हेड नर्स वंदना ने साफ कह दिया था कि “बच्चा गर्भ में आड़ा है, यहाँ डिलीवरी नहीं हो पाएगी, तुरंत बड़े अस्पताल ले जाओ।”
लेकिन असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब परिजनों के अनुसार, CHC अधीक्षक डॉ. समीम अख्तर ने फोन पर धमकी भरे लहजे में कहा कि डिलीवरी यहीं होगी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने अपनी ईगो (अहंकार) के आगे नर्स की सही सलाह को नज़रअंदाज़ कर दिया और मरीज़ को जबरन रोक लिया।
रात 2 बजे का वो ‘खौफनाक’ ऑपरेशन
परिजनों का आरोप है कि आधी रात के बाद बिना पूरी तैयारी के महिला के शरीर पर दो जगह चीरे लगाकर डिलीवरी की कोशिश की गई। परिणाम स्वरूप, अत्यधिक रक्तस्राव (Heavy Bleeding) होने लगा। जब स्थिति हाथ से निकल गई, तब आनन-फानन में मरीज़ को रेफर कर दिया गया।
5 लाख खर्च, फिर भी वेंटिलेटर पर ज़िंदगी की जंग वर्तमान में पीड़िता प्रयागराज के गंगोत्री हॉस्पिटल में वेंटिलेटर (Life Support) पर है। गरीब परिवार अब तक इलाज में 5 लाख रुपये फूँक चुका है, लेकिन महिला की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। पीड़ित परिवार ने अब मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिलाधिकारी को पत्र भेजकर ‘गैर-इरादतन हत्या’ का मुकदमा दर्ज करने और डॉक्टर को बर्खास्त करने की मांग की है।
मेजा CHC में ‘मौत का खेल’: अधीक्षक की सनक ने महिला को वेंटिलेटर पर पटका!
नर्स ने कहा- ‘केस बिगड़ा है’, डॉक्टर बोले- ‘डिलीवरी यहीं होगी’… अब ज़िंदगी और मौत के बीच झूल रही मरीज़!
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