नरेश सोनी इंडियन टीवी न्यूज नेशनल ब्यूरो
हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले में आगामी रामनवमी पर्व 2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। हजारीबाग पुलिस के साइबर थाने ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी निगरानी तेज कर दी है ताकि समाज में नफरत फैलाने वाली किसी भी कोशिश को समय रहते नाकाम किया जा सके। पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी हालिया प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर सेल की टीम चौबीसों घंटे व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया माध्यमों पर पैनी नजर रख रही है।
डिजिटल निगरानी और साइबर पुलिस की कार्रवाई
अक्सर यह देखा गया है कि त्योहारों के समय कुछ शरारती तत्व जानबूझकर या जानकारी के अभाव में सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री साझा कर देते हैं, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हजारीबाग साइबर थाने ने दर्जनों संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की है। इन अकाउंट्स के माध्यम से साझा किए गए आपत्तिजनक फोटो, वीडियो और भड़काऊ संदेशों को चिन्हित कर लिया गया है।
पुलिस ने न केवल इन खातों की पहचान की है, बल्कि इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। झारखंड पुलिस मुख्यालय और मेटा (Meta) को इन आईडी को स्थायी रूप से ‘टेकडाउन’ यानी बंद करने के लिए पत्राचार किया गया है। इसका उद्देश्य नफरत फैलाने वाले माध्यमों को डिजिटल दुनिया से पूरी तरह हटाना है।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कानूनी शिकंजा
हजारीबाग पुलिस ने इस बार कानूनी प्रावधानों का भी कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया है। चिन्हित किए गए अकाउंट धारकों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की सुसंगत धाराओं, विशेषकर धारा-35(3)/94 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भड़काऊ पोस्ट करना केवल एक डिजिटल गतिविधि नहीं बल्कि एक गंभीर अपराध है जिसके लिए जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
राहत की बात यह है कि कई नोटिस
प्राप्तकर्ताओं ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए थाने में लिखित आवेदन जमा किया है। उन्होंने पुलिस को आश्वासन दिया है कि भविष्य में उनके द्वारा ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति नहीं की जाएगी जिससे सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचे। पुलिस का मुख्य उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ नागरिकों को जागरूक करना भी है।
सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की विशेष अपील
रामनवमी का त्योहार उत्साह और आस्था का प्रतीक है। इसे शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए हजारीबाग पुलिस ने आम नागरिकों से विशेष अपील की है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि सुरक्षा केवल बल के प्रयोग से नहीं बल्कि जनता के सहयोग से सुनिश्चित की जा सकती है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही उन्हें आगे बढ़ाएं।
यदि किसी व्यक्ति को अपने मोबाइल पर या इंटरनेट पर कोई भी आपत्तिजनक संदेश, वीडियो या भड़काऊ सामग्री मिलती है, तो उसे तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन या साइबर थाने को सूचित करना चाहिए। इसके अलावा, शांति समिति की बैठकों में लिए गए निर्णयों का अक्षरशः पालन करना अनिवार्य है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले का हर नागरिक आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ इस पर्व का आनंद ले सके।
सुरक्षित वातावरण के लिए पुलिस की प्रतिबद्धता
हजारीबाग पुलिस सदैव आपकी सेवा में तत्पर है। साइबर सेल द्वारा मोबाइल नंबर 9430165939 और ईमेल आईडी cybercelljh@police.gov.in के माध्यम से शिकायतों का निवारण किया जा रहा है। तकनीक के इस युग में पुलिस बल खुद को आधुनिक बना रहा है ताकि डिजिटल अपराधों पर नकेल कसी जा सके। रामनवमी 2026 के अवसर पर जिले की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पेट्रोलिंग और डिजिटल सर्विलांस दोनों को एकीकृत किया गया है।
अंततः, यह समझना महत्वपूर्ण है कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही या गलत पोस्ट किसी बड़ी घटना का कारण बन सकती है। इसलिए, जिम्मेदार नागरिक बनें और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग समाज को जोड़ने के लिए करें, न कि तोड़ने के लिए। हजारीबाग पुलिस की यह सक्रियता न केवल अपराधियों में भय पैदा करेगी, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भाव भी जागृत करेगी।