अकरम खान पटेल की रिपोर्ट।
बैतूल। हार्टफुलनेस ध्यान का कार्यक्रम शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सोनाघाटी में आयोजित किया गया। जिसमें नागपुर से पधारे प्रशिक्षक विनोद जेठवा ने लगभग 125 बच्चों को हार्टफुलनेस ध्यान की पद्धति एवं ध्यान से हमारे जीवन में क्या क्या बदलाव आते हैं, विद्यार्थियों को ध्यान करने से क्या लाभ हैं के बारे में बताया। हार्टफुलनेस ध्यान के अभ्यासी कमल नयन अग्रवाल ने बताया कि हार्टफुलनेस ध्यान, हृदय आधारित ध्यान पद्धति है जो कि अपने हृदय में एक दिव्य प्रकाश की अनुभूति के विचार को लेकर किया जाने वाला ध्यान है। अभ्यासी आशीष पचौरी ने बताया की हार्टफुलनेस ध्यान की चार विधियां हैं। रिलैक्सेशन, मेडिटेशन, क्लीनिंग और प्रार्थना। रिलैक्सेशन की प्रक्रिया से शरीर को आरामदायक अवस्था में लाया जाता है। इसके बाद मेडिटेशन यानी ध्यान किया जाता है। शाम को क्लीनिंग याने सफाई की प्रक्रिया है जिसके दिनभर के नकारात्मक विचार आदि की सफाई की जाती है। अंत में रात में सोने से पहले स्वयं एवं विश्व के कल्याण के लिए प्रार्थना की जाती है। अभ्यासी राजेंद्र परिहार ने अपने ध्यान के अनुभव बच्चों के साथ साझा करते हुए बताया कि ध्यान से किस प्रकार उनके जीवन में बदलाव आए। अभ्यासी कमल नयन अग्रवाल ने बताया कि हार्टफुलनेस ध्यान पूर्णतया नि:शुल्क है कोई भी व्यक्ति गंज स्थित ध्यान केंद्र पर आकर ध्यान प्रशिक्षक से पर्सनल सिटिंग ले सकते हैं। केंद्र पर सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक एवं 4 बजे से 8 बजे तक आकर सिटिंग (प्रशिक्षक के साथ बैठकर ध्यान करना) ले सकते हैं। साथ ही प्रति रविवार सुबह 9 से 10 एवं प्रति बुधवार शाम 6 से 7 सामूहिक ध्यान का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। संस्था ने सभी स्कूलों के प्राचार्यों एवं शिक्षकों से भी अपील की है कि स्कूल में 15 वर्ष से ऊपर की आयु वर्ग के बच्चों के लिए 3 दिवसीय नि:शुल्क ध्यान कार्यक्रम गंज हार्टफुलनेस ध्यान केंद्र पर या आपके द्वारा तय स्थान पर किया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में अभ्यासी राजेंद्र परिहार ने सभी बच्चों प्राचार्य श्री भदौरिया और समस्त स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया।