डबरा जिला ग्वालियर
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। खेतों में बिछी हुई फसलें अब किसानों के आंसू बन कर बह रही हैं। लेकिन जब प्रशासन की नींद नहीं खुली, तो जनता के प्रतिनिधि को मैदान में उतरना पड़ा। आज विधायक ने सैकड़ों किसानों के साथ मिलकर एसडीएम कार्यालय का घेराव किया।
दृश्य: दफ्तर के बाहर नारेबाजी करते किसान, हाथों में खराब हुई फसल और धरने पर बैठे विधायक।
आसमान से बरसी आफत ने किसानों के सुनहरे सपनों को मिट्टी में मिला दिया है। तैयार खड़ी फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। लेकिन आरोप है कि नुकसान के कई दिनों बाद भी अब तक प्रशासन ने गिरदावरी (सर्वेक्षण) की सुध नहीं ली है। इसी सुस्ती से नाराज होकर आज स्थानीय विधायक लाव-लश्कर के साथ एसडीएम कार्यालय जा पहुंचे।
मुख्य बिंदु जो विधायक ने उठाए:
तत्काल सर्वे: पटवारियों को तुरंत खेतों में भेजकर नुकसान का सही आकलन किया जाए।
उचित मुआवजा: फसल बीमा कंपनी और सरकार द्वारा प्रति बीघा उचित मुआवजा राशि तय हो।
ब्याज माफी: खराब फसल को देखते हुए किसानों के केसीसी (KCC) ऋण पर राहत दी जाए।
[विधायक का बयान / बाइट]
“मेरा किसान खून के आंसू रो रहा है। दफ्तरों में बैठे अधिकारियों को खेत की कीचड़ और किसान का दर्द दिखाई नहीं दे रहा। जब तक एक-एक किसान के नुकसान का सर्वे नहीं होता और मुआवजे की घोषणा नहीं होती, मैं इस दफ्तर की चौखट से नहीं हटूंगा। यह घेराव सिर्फ चेतावनी है, अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा।”
रोहित पाण्डेय डबरा पत्रकार