सहारनपुर। विगत 14 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रस्तावित हाईवे उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर सहारनपुर में विवाद खड़ा हो गया है। अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा, जनपद सहारनपुर ने प्रशासन पर आरोप लगाया है कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा कार्यकत्रियों, ग्राम सेवकों, पंचायत सहायकों एवं सफाई कर्मियों को फोन के माध्यम से कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए, जबकि इस संबंध में कोई लिखित शासनादेश जारी नहीं किया गया। महासभा के अनुसार, कई कर्मचारी व्यक्तिगत कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, जिसके बाद संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा उन पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है और जवाब तलब किया जा रहा है। संगठन ने इसे कानून और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।संगठन का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध किसी राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, क्योंकि प्रत्येक नागरिक को अपनी विचारधारा रखने की स्वतंत्रता है इसके साथ ही आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम के दौरान संगठन से जुड़े कुछ लोगों को नजरबंद किया गया, ताकि वे अपनी समस्याएं प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री तक न पहुंचा सकें। अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा के जिला संरक्षक नरेंद्र दत्त शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस मामले में किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की गई तो संगठन न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होगा।उन्होंने प्रशासन से भविष्य में इस प्रकार के कथित गैर-संवैधानिक कदम न उठाने की अपील की है।
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़