बरेली आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी मौजूदगी में महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय के तत्वावधान में दिशा इंटर कॉलेज में गुजरात स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर भव्य सांस्कृतिक आयोजन हुआ, जहां शिक्षा, संस्कार और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने विद्यालय में बनने वाले बहुउद्देशीय हॉल का शिलान्यास कर विकास की नई नींव रखी। वहीं “बापू बाजार” में छात्रों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रतिभाओं को सराहा। एक छात्र द्वारा भेंट किया गया उनका स्केच आकर्षण का केंद्र बना, जिस पर राज्यपाल ने छात्र को पोषण पोटली देकर प्रोत्साहित किया।
मंच पर बच्चों ने स्वागत गीत, शिव स्त्रोत पर नृत्य और रंगारंग गरबा प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बना दिया। फैशन शो के जरिए महात्मा गांधी और सरदार वल्लभभाई पटेल के रूप में बच्चों की प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों को गांव-गांव जाकर महिलाओं, किसानों और गरीबों की समस्याएं हल करनी होंगी। उन्होंने पांच गांव गोद लेने की योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान और एचपीवी वैक्सीनेशन जैसे अभियानों में विश्वविद्यालयों की सक्रिय भूमिका को जरूरी बताया।
उन्होंने बच्चियों को विशेष संदेश देते हुए कहा कि जीवन में प्राथमिकता शिक्षा और आत्मनिर्भरता को दें, जल्दबाजी में लिए गए फैसले भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही तकनीकी शिक्षा और रोजगारपरक कौशल पर भी जोर दिया।
कुलपति केपी सिंह ने बताया कि विद्यालय में नई प्रयोगशालाएं शुरू हुई हैं, साइंस स्ट्रीम जोड़ी गई है और नामांकन में 40 प्रतिशत वृद्धि हुई है। भविष्य में इसे इंटर से पीजी स्तर तक विकसित करने की योजना है।
कार्यक्रम के अंत में संस्थापिका पुष्पलता गुप्ता ने बताया कि 27 वर्षों पहले लगाया गया यह पौधा आज एक मजबूत वृक्ष बन चुका है, जहां इस वर्ष हाईस्कूल का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा।
राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, लेकिन शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दूर तक गूंजता रहा।