रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
मुरैना|मध्यप्रदेश राज्य आनंद संस्थान द्वारा आयोजित मासिक अल्पविराम आनंद परिचय कार्यक्रम का आयोजन शासकीय कन्या महाविद्यालय, मुरैना के सभागार में गत दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के संभागीय समन्वयक श्री धर्मेंद्र सिसोदिया, जिला कोऑर्डिनेटर श्री सतीश सिंह तोमर, जिला संपर्क समन्वयक श्री बालकृष्ण शर्मा, जिला नोडल अधिकारी श्री श्याम सिकरवार तथा मास्टर ट्रेनर श्रीमती क्षमा कौशिक, श्रीमती नीतू भारद्वाज, श्री विश्वनाथ गुर्जर एवं श्री मणिन्द्र कौशिक की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक एवं समाजसेवी श्री सुधीर आचार्य ने प्रेरणादायक उद्बोधन देते हुए कहा कि “जीवन तनाव के लिए नहीं, बल्कि आनंद के लिए है।” उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में तनाव जीवन का अभिन्न हिस्सा बनता जा रहा है, ऐसे में उससे बचाव के लिए ‘अल्पविराम’ जैसे कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी और प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वधर्म प्रार्थना के साथ हुआ, जिसका संचालन श्रीमती नीतू भारद्वाज एवं श्रीमती क्षमा कौशिक द्वारा किया गया।
अपने उद्बोधन में श्री आचार्य ने तनाव प्रबंधन के सरल उपाय बताते हुए कहा कि जब भी व्यक्ति स्वयं को तनावग्रस्त महसूस करे, तो तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय कुछ क्षण रुकना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी स्थिति में 10 सेकंड का विराम लेकर 3 गहरी साँसें लें, शांत मन से विचार करें—इससे तनाव स्वतः कम हो जाता है। उन्होंने कहा कि लगभग 90 प्रतिशत तनाव केवल इसलिए बढ़ता है क्योंकि हम बिना सोचे-समझे प्रतिक्रिया दे देते हैं।
उन्होंने मोबाइल के अत्यधिक उपयोग पर भी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि हर नोटिफिकेशन हमारे मस्तिष्क में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) को बढ़ाता है। अतः प्रतिदिन कम से कम एक घंटे का ‘नो-फोन ज़ोन’ निर्धारित करना चाहिए, विशेषकर भोजन एवं सोने से पहले। उन्होंने उपस्थितजनों को परिवार के साथ संवाद बढ़ाने, आमने-सामने बातचीत करने और आभासी दुनिया के बजाय वास्तविक जीवन को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
इस अवसर पर श्रीमती क्षमा कौशिक एवं श्रीमती नीतू भारद्वाज ने भी अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए तनावमुक्त जीवन के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन विश्वनाथ गुर्जर द्वारा किया गया