रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
मुरैना|कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने पहाड़गढ़ विकासखंड के सुदूरवर्ती ग्राम धोंधा, कुस्मानी एवं गहतोली में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को सड़क, बिजली, पेयजल, राशन एवं श्मशान जैसी मूलभूत सुविधाओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही श्मशान स्थल एवं आवागमन मार्गों को विशेष प्राथमिकता देने पर बल दिया।
ज्ञातव्य है कि कलेक्टर जांगिड़ के नेतृत्व में “प्रशासन गांव की ओर” अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत स्वयं कलेक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों की समस्याएं सुन रहे हैं।
इस दौरान सभी जिला स्तरीय एवं खंड स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित रहकर समस्याओं के समाधान में सहयोग कर रहे हैं।
शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में एसडीएम जौरा शुभम शर्मा, महाप्रबंधक विद्युत सुरेश कुमार सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, पीएचई, खाद्य, राजस्व, ट्रायबल विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने ग्राम धोंधा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर एवं प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों से संवाद किया। ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राशन वितरण व्यवस्था को गांव में ही सुलभ बनाने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने आदिवासी महिलाओं की सुविधा हेतु जाति प्रमाण-पत्र निर्माण के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए , जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।
इसके साथ ही मार्गों को सुगम बनाने तथा पेयजल से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी प्रदान किए।
ग्राम कुस्मानी में कलेक्टर ने श्मशान स्थल एवं रपटा का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही शांतिधाम को सुव्यवस्थित रखने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश पंचायत को दिए।
कलेक्टर ने प्राथमिक विद्यालय में आयोजित चौपाल के दौरान आंगनबाड़ी, मध्यान्ह भोजन, खाद्यान्न वितरण एवं अन्य मूलभूत सेवाओं की समीक्षा की, जिससे इन सेवाओं की गुणवत्ता और बेहतर हो सके।
नदी पुल निर्माण के दौरान आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित एजेंसी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर द्वारा ग्राम गहतोली में चौपाल के दौरान विद्युत व्यवस्था को और सुदृढ़ एवं सुचारु बनाने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा सेवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु सप्ताह में एक दिन संबंधित अमले की उपस्थिति के निर्देश दिए एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से संबंधित विभाग को आवश्यक परीक्षण एवं सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।