पन्ना :
केन-बेतवा लिंक परियोजना और रुंझ डैम से हो रहे विस्थापन के खिलाफ पन्ना जिला कांग्रेस ने शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार और शासन-प्रशासन गरीब आदिवासी किसानों की जमीन हड़पने की साजिश कर रही है।
क्या है पूरा मामला:
1. जमीन छीनने का आरोप : आदिवासी किसानों का कहना है कि केन-बेतवा परियोजना के नाम पर उनकी पुश्तैनी जमीन छीनी जा रही है। न उचित मुआवजा मिल रहा, न पुनर्वास। विरोध करने पर पुलिस जबरन उठाकर जेल में डाल रही है।
2. महिलाओं से मारपीट : प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के इशारे पर गरीब आदिवासियों, खासकर महिलाओं के साथ मारपीट की जा रही है ताकि वे आवाज न उठा सकें।
कांग्रेस का आंदोलन:
नेतृत्व : झाबुआ विधायक एवं आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया और पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान के नेतृत्व में सैकड़ों किसान-आदिवासी SP ऑफिस पहुंचे।
नारेबाजी : कांग्रेस नेताओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि “गरीब आदिवासियों की जमीन को कोई नहीं हड़प सकता”।
SP से जवाब-तलब : जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीश खान ने पन्ना SP निवेदिता नायडू से मुलाकात कर पूछा कि किसानों पर अत्याचार क्यों हो रहा है और किसान नेता अमित भटनागर को जेल में क्यों बंद किया गया।
कलेक्टर से मुलाकात : इसके बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल पन्ना कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। वहां भी गरीब आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार और अमित भटनागर की रिहाई की मांग उठाई गई।
SP का बयान: 24 घंटे धरने के बाद SP निवेदिता नायडू प्रदर्शनकारियों से मिलीं और कहा कि “सभी की बात सुनी गई है। आवेदन दिया है जिस पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी”।
कांग्रेस का ऐलान: डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि “मप्र में अगर पुलिस बेलगाम होगी तो कांग्रेस सड़कों पर संग्राम करेगी”। अनीश खान ने दो टूक कहा कि “कांग्रेस गरीब आदिवासियों की आवाज बनकर लड़ेगी। भाजपा सरकार से डरने की जरूरत नहीं है। जीतू पटवारी जी और विक्रांत भूरिया जी के नेतृत्व में हम किसानों के हक के लिए टिके रहेंगे”।
फिलहाल किसान नेता अमित भटनागर पुलिस हिरासत में हैं। कांग्रेस ने उनकी तुरंत रिहाई और आदिवासियों की जमीन वापसी की मांग की है।
संवाददाता मानस अवस्थी की रिपोर्ट पन्ना मध्य प्रदेश