बांदा
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर मंगलवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे गैस सिलेंडरों से लदे डीसीएम ट्रक में पीछे से जा घुसी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह ट्रक के नीचे दब गया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक मासूम बच्ची अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार मूल रूप से महोबा जिले का रहने वाला था। वे आजमगढ़ से अपने घर महोबा की ओर लौट रहे थे। सुबह करीब 8:30 बजे कोतवाली देहात क्षेत्र के अंतर्गत एक्सप्रेसवे पर यह हादसा हुआ। कार में एक पुरुष और चार महिलाएं सवार थीं।
नींद की झपकी और तेज रफ्तार बनी तबाही की वजह
घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे जिलाधिकारी बांदा श्री अमित आसेरी ,पुलिस अधीक्षक बांदा श्री पलाश बंसल।
पुलिस अधीक्षक श्री पलाश बंसल ने बताया:
“प्राथमिक जांच में ऐसा प्रतीत होता है कि स्कॉर्पियो चालक को गाड़ी चलाते समय नींद की झपकी आ गई थी। रफ्तार तेज होने के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी सीधे आगे चल रहे इंडेन गैस के ट्रक (DCM) से टकरा गई।”
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, यूपी 112, फायर ब्रिगेड और एक्सप्रेसवे की बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं। कार की हालत इतनी खराब थी कि शवों और घायलों को निकालने के लिए गैस कटर और जेसीबी की मदद लेनी पड़ी।
तीन महिलाओं ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था।
दो घायलों को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया, जहाँ उपचार के दौरान एक और व्यक्ति की मृत्यु हो गई।
एक घायल बच्ची का इलाज जारी है, जिसे जिला प्रशासन की देखरेख में बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।
हादसे के बाद कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस बल ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर सुचारू कराया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अस्पताल जाकर घायल का हाल जाना और परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।
सावधानी संदेश: एक्सप्रेसवे पर वाहन चलाते समय थकान महसूस
होने पर गाड़ी सुरक्षित स्थान पर रोक कर विश्राम अवश्य करें। आपकी एक छोटी सी झपकी परिवार के लिए उम्र भर का दर्द बन सकती है।
मंडल ब्यूरो चीफ ताहिर अली बांदा से