केशव साहू जिला ब्यूरो मोहारा, विकासखंड डोंगरगढ़
जिला पंचायत सदस्य एवं जिला कांग्रेस कमेटी राजनांदगांव (ग्रामीण) के महामंत्री महेन्द्र यादव ने मोहारा सेवा सहकारी समिति में सामने आए धान चोरी के गंभीर मामले को भाजपा सरकार के तथाकथित “सुशासन” पर करारा तमाचा बताया है।
श्री यादव ने कहा कि एक ओर भाजपा सरकार पूरे प्रदेश में “सुशासन तिहार” का ढोल पीट रही है, वहीं दूसरी ओर मोहारा सोसायटी में समिति प्रबंधक द्वारा रात के अंधेरे में लगभग 1200 कट्टा सरकारी धान को कोचियों के माध्यम से बेचने का मामला उजागर हुआ है। ग्रामीणों की सतर्कता से कोचिया की गाड़ी पकड़ी गई और सरकारी धान की खुली लूट का पर्दाफाश हुआ।
उन्होंने कहा कि यह घटना साबित करती है कि भाजपा शासन में न किसान सुरक्षित हैं, न सरकारी संपत्ति। जिन अधिकारियों ने धान खरीदी के दौरान किसानों को संदेह की नजर से देखा, उनके घर-घर जाकर जांच की और उन्हें घंटों परेशान किया, वही अधिकारी आज सरकारी धान की चोरी पर मौन साधे हुए हैं।
श्री यादव ने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में समिति प्रबंधक इतनी बड़ी हिम्मत कर रहे हैं? यदि प्रदेश की सभी समितियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो ऐसे अनेक घोटाले सामने आ सकते हैं। भाजपा सरकार के राज में भ्रष्टाचार और लूट अब संस्थागत रूप ले चुके हैं।
ग्रामीणों से सूचना मिलने पर श्री यादव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा एसडीएम डोंगरगढ़ एवं खाद्य अधिकारी को दोषियों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान अपनी खून-पसीने की कमाई से धान उपजाते हैं, लेकिन भाजपा सरकार में उन्हें पहले खाद-बीज संकट, फिर धान खरीदी की अव्यवस्था और अब सरकारी धान की चोरी जैसी घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों और ग्रामीणों के साथ मिलकर चक्का जाम किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर राजनांदगांव के नाम ज्ञापन मोहारा चौकी प्रभारी को सौंपा गया है।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुरली वर्मा, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पंचराम चंदेल, दयालु वर्मा, मोरध्वज वर्मा, लोकनाथ भारती, संतोष वर्मा, रंजीत भारती, फत्तू वर्मा, परमेश्वर, ओमकार वर्मा, कन्हैया वर्मा, रामदयाल वर्मा, रोहित वर्मा, गोकुल, गेंदलाल, विष्णु, रेखराज, पतराम वर्मा, सुखराम वर्मा, नेमचंद, तरणलाल वर्मा सहित बड़ी संख्या में किसान एवं ग्रामीण उपस्थित थे।