राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
नगर निगम क्षेत्र में चल रहे सीवर लाइन और सीसी रोड निर्माण कार्य अब विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। शहर के कई वार्डों में सीवर लाइन के मैनहोल को पूरी तरह बंद कर उनके ऊपर सीसी सड़कें बनाई जा रही हैं। इस तरह के निर्माण कार्यों ने न केवल तकनीकी मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि भविष्य में होने वाली भारी परेशानियों की आशंका भी बढ़ा दी है।
जानकारों के मुताबिक मैनहोल सीवर सिस्टम की सफाई, मरम्मत और निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम होता है। यदि इन्हें स्थायी रूप से कंक्रीट के नीचे दबा दिया जाएगा, तो सीवर जाम या पाइपलाइन खराब होने की स्थिति में नई बनी सड़कों को दोबारा तोड़ना पड़ेगा। इससे एक ओर जनता को परेशानी होगी, वहीं दूसरी ओर सरकारी धन की भी बर्बादी तय मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर किए जा रहे विकास कार्य यदि कुछ ही वर्षों में दोबारा खुदाई की स्थिति पैदा कर दें, तो ऐसे निर्माण की गुणवत्ता और योजना पर सवाल उठना स्वाभाविक है। शहरवासियों का आरोप है कि कई स्थानों पर निर्माण कार्यों में तकनीकी नियमों की अनदेखी की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।
जनता यह सवाल भी उठा रही है कि महापौर, नगर निगम आयुक्त और संबंधित वार्डों के पार्षद आखिर इस गंभीर विषय पर जवाबदेही क्यों नहीं तय कर रहे हैं। क्या विकास कार्यों की निगरानी केवल उद्घाटन और भूमिपूजन तक सीमित रह गई है? यदि निर्माण में लापरवाही हो रही है तो संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?
शहरवासियों ने मांग की है कि नगर निगम इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कराए और सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करे कि मैनहोल को बंद कर सड़क निर्माण करना स्वीकृत मानकों के अनुरूप है या नहीं। क्योंकि यदि आज अनदेखी की गई, तो आने वाले समय में शहर को जाम सीवर, टूटी सड़कें और दोबारा होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च का सामना करना पड़ सकता है।
कटनी की जनता विकास कार्यों का विरोध नहीं कर रही, बल्कि वह ऐसा टिकाऊ और योजनाबद्ध विकास चाहती है जो आने वाले वर्षों तक शहर को सुविधा दे, न कि नई समस्याओं को जन्म दे।