बदायूँ (बिनावर)
उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। बिनावर थाना क्षेत्र में इन दिनों अनुमति (परमिशन) की आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध खनन का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। स्थानीय प्रशासन की कथित अनदेखी और मिलीभगत के चलते माफिया रात-दिन जेसीबी (JCB) और ट्रैक्टर ट्रॉली के जरिए धरती का सीना चीर रहे हैं, जिससे सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है।स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, खनन माफियाओं ने प्रशासन से किसी एक विशेष खसरे या बेहद सीमित मात्रा में मिट्टी उठाने की अनुमति ले रखी है। लेकिन इस परमिशन को ढाल बनाकर कई गुना ज्यादा और प्रतिबंधित गहराई तक अवैध खनन किया जा रहा है।नियमों के मुताबिक एक निश्चित गहराई तक ही मिट्टी उठाई जा सकती है, लेकिन मौके पर 10 से 15 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं।दिन-भर उड़ने वाली धूल से स्थानीय लोगों का जीना मुहाल हो गया है और सांस की बीमारियां बढ़ रही हैं।खनन के बाद छोड़े गए गहरे गड्ढे बारिश के मौसम में तालाब का रूप ले लेते हैं, जिससे मासूम बच्चों और मवेशियों के डूबने का खतरा हर वक्त बना रहता है।स्थानीय लोगों ने दबी जुबान में बताया कि खनन स्थल पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां तो आती हैं, लेकिन कार्रवाई के बजाय सिर्फ ‘कागजी खानापूर्ति’ करके लौट जाती हैं। बिनावर पुलिस की इस चुप्पी और बदायूं ज़िला खनन अधिकारी पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के “जीरो टॉलरेंस” और खनन माफियाओं पर सख्त कार्रवाई के दावों को बिनावर में खुलेआम ठेंगा दिखाया जा रहा है। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और खनन विभाग कुंभकर्णी नींद से जागता है या माफियाओं का यह ‘पीली मिट्टी का काला खेल’ यूं ही बदस्तूर जारी रहेगा।
रिपोर्ट:शुऐब खान ब्योरो चीफ बरेली मण्डल