फतेहगंज पश्चिमी।
साइबर ठगी और फर्जी दस्तावेजों के खेल में शनिवार को बड़ा खुलासा हुआ। बाराबंकी पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त छापेमारी कर कस्बे के एक जनसेवा केंद्र संचालक को हिरासत में ले लिया। आरोपी पर एआई तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी आधार कार्ड बनाकर ऑनलाइन लोन कराने का सनसनीखेज आरोप है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने बाराबंकी निवासी एक व्यक्ति के नाम पर नकली आधार कार्ड तैयार किया। इसके बाद आधार में मोबाइल नंबर अपडेट कर उसी दिन बैंक खाता खुलवाया गया और ऑनलाइन लोन स्वीकृत करा लिया गया। हैरानी की बात यह रही कि लोन पास होते ही रकम भी खाते से निकाल ली गई।
बताया जा रहा है कि करीब 35 हजार और 16 हजार रुपये के दो अलग-अलग लोन लेकर रकम हड़प ली गई। मामले का खुलासा होने पर बाराबंकी पुलिस हरकत में आई और फतेहगंज पश्चिमी पहुंचकर कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने जनसेवा केंद्र से लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में ले लिए। साइबर एक्सपर्ट अब डिवाइसों की जांच कर रहे हैं, ताकि फर्जी दस्तावेज बनाने और ऑनलाइन ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
आरोपी के परिजनों ने दावा किया कि पूरा खेल देवरनिया थाना क्षेत्र के बसुधरन निवासी उसके एक दोस्त ने किया है। पुलिस जब संदिग्ध युवक के घर पहुंची तो वह फरार मिला। इसके बाद पुलिस की शक की सुई कई अन्य लोगों की ओर भी घूम गई है।
चौकी प्रभारी आदेश कुमार सिंह ने बताया कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर ऑनलाइन लोन निकालने के मामले में जनसेवा केंद्र संचालक को बाराबंकी पुलिस हिरासत में लेकर गई है। मामले की गहन जांच की जा रही है।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़
जिला संवाददाता बरेली