राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
जिले में 35 वर्षों की सेवा पूर्ण कर चुके शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत समयमान वेतनमान का लाभ दिलाने की प्रक्रिया अब सवालों के घेरे में आ गई है। शासन स्तर से आदेश जारी हुए डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पात्र शिक्षकों को अब तक लाभ नहीं मिल सका है। विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक आयोजित नहीं होने से शिक्षकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
शिक्षकों का आरोप है कि वर्षों पुरानी मांग पूरी होने के बाद भी जिला शिक्षा विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण उन्हें आर्थिक लाभ से वंचित रखा जा रहा है। सहायक शिक्षक एवं उच्च श्रेणी शिक्षक पहले ही लंबे समय से आर्थिक नुकसान झेल रहे हैं, ऐसे में अब शासन के आदेश के बाद भी प्रक्रिया में देरी होना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है।
शिक्षक संगठनों का कहना है कि समग्र शिक्षक संघ सहित विभिन्न संगठनों के लंबे संघर्ष के बाद शासन ने चतुर्थ समयमान वेतनमान के आदेश जारी किए थे, लेकिन जिला स्तर पर मामले को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है। इससे शिक्षकों में हताशा और आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
अधिकारी कर्मचारी संयुक्त मोर्चा संघ के प्रांतीय प्रवक्ता कुंवर मार्तण्ड सिंह राजपूत ने बताया कि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से चर्चा की गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने संकुल स्तर पर हो रही देरी को इसका कारण बताया है। हालांकि अब तक पात्र शिक्षकों की सूची भी सार्वजनिक नहीं की गई है।
प्रवक्ता ने कहा कि जिले के शिक्षक विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र डीपीसी आयोजित नहीं की गई तो शिक्षक संगठन जिला शिक्षा अधिकारी एवं कलेक्टर के समक्ष शिक्षकों के आक्रोश को लेकर आंदोलनात्मक रणनीति बना सकते हैं।
शिक्षकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक प्रताड़ना भी झेलनी पड़ेगी। अब सभी की निगाहें जिला शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।