ब्यूरो चीफ मनोज भट्ट जिला बस्तर छत्तीसगढ़
जगदलपुर
कलेक्टर आकाश छिकारा एवं के कड़े निर्देशों के तहत बस्तर जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया गया है। इसी कड़ी में 27 मई को जिला खनिज अधिकारी श्री शिखर चेरपा के मार्गदर्शन में खनिज जांच दल ने बस्तर जिला अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने मांदर, रायकोट और कोड़ेनार जैसे संवेदनशील इलाकों में औचक निरीक्षण करते हुए अवैध रूप से गौण खनिज का परिवहन कर रहे छह वाहनों को रंगे हाथों पकड़ा। बिना वैध अभिवहन पास (रॉयल्टी पर्ची) के खनिजों का परिवहन करते पाए जाने पर इन सभी वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ अवैध परिवहन का प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है तथा खनिज से लदे सभी वाहनों को तुरंत जप्त कर पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है।
इस छापेमारी के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों से रेत और चूनापत्थर का अवैध कारोबार उजागर हुआ है। खनिज विभाग द्वारा जारी विवरण के अनुसार, मांदर क्षेत्र में रेत का अवैध परिवहन करते हुए तीन गाड़ियां पकड़ी गईं। इसी तरह रायकोट क्षेत्र में जांच दल ने हाईवा को अवैध रूप से चूनापत्थर ले जाते हुए ज़ब्त किया। इसके अलावा कोड़ेनार क्षेत्र में भी रेत के अवैध परिवहन पर कार्रवाई की गई, जहाँ दो टिप्पर को खनिज सहित अपनी अभिरक्षा में लिया गया।
प्रशासन ने इस मामले में संलिप्त सभी वाहन मालिकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। खनिज अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि इन सभी आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमावली 2015 के नियम 71 और खान एवं खनिज (विकास तथा विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के अंतर्गत कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने पूर्व में दी गई चेतावनियों को दोहराते हुए कहा कि बिना वैध पास के खनिजों का परिवहन करना एक गंभीर और दण्डनीय अपराध है। यदि भविष्य में इन्हीं परिवहनकर्ताओं द्वारा दोबारा ऐसा कृत्य किया गया, तो और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में खनिज संपदा की चोरी रोकने और अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने के लिए खनिज अमले द्वारा यह आकस्मिक जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा, जिससे क्षेत्र के खनिज माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।