मयूरभंज जिले में पंडित रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज और नए अस्पताल को पूरी तरह से चालू करने की मांग को लेकर राजनीति गरमा गई है। बीजू जनता दल ने जिला प्रशासन को 15 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल को जल्द पूरी तरह कार्यक्षम नहीं किया गया, तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने और भवन के उद्घाटन के बावजूद आम लोगों को अब तक अस्पताल की पूरी सुविधा नहीं मिल पा रही है। देखिए यह रिपोर्ट।
मयूरभंज के बारिपदा में बीजू जनता दल के वरिष्ठ नेता सानंद मारांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पंडित रघुनाथ मुर्मू मेडिकल कॉलेज से जुड़े नए अस्पताल भवन को तत्काल पूरी तरह कार्यरत किया जाए और मरीजों के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बीजेडी नेताओं का कहना है कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल परियोजना के लिए दो चरणों में सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्ष 2024 में नए अस्पताल भवन का उद्घाटन भी हो चुका है, लेकिन अब तक इसे पूरी क्षमता के साथ जनता की सेवा में नहीं लगाया गया है। इससे जिले के लोगों में भारी असंतोष है।
सानंद मारांडी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को अक्सर कटक, भुवनेश्वर और अन्य बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता है। इसी वजह से लोगों के बीच इस मेडिकल कॉलेज की पहचान “रेफर अस्पताल” के रूप में बनने लगी है, जो जिले और संस्थान दोनों के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि मयूरभंज जैसे बड़े आदिवासी बहुल जिले को आधुनिक और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की सख्त जरूरत है। ऐसे में नए अस्पताल को केवल उद्घाटन या औपचारिकताओं के इंतजार में बंद रखना जनता के साथ अन्याय है। बीजेडी ने मांग की है कि अस्पताल में आवश्यक डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों, उपकरणों और अन्य बुनियादी सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की जाए।
बीजेडी ने साफ कर दिया है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर अस्पताल को पूरी तरह कार्यशील बनाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा जनआंदोलन करेगी। अब सभी की नजर राज्य सरकार और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
हिमांशु शेखर प्रहराज,
ओडिशा चीफ