राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
शहर में लगातार हो रही बिजली ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल द्वारा शहर की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए नए 33 केवी और 11 केवी फीडर शुरू किए जा रहे हैं। साथ ही नई विद्युत लाइनों का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद शहर के लगभग 15 हजार उपभोक्ताओं को बेहतर और अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।
सिटी डिवीजन प्रभारी मुकेश मोहले ने बताया कि विद्युत भार के संतुलित वितरण और फॉल्ट की समस्याओं को कम करने के उद्देश्य से चार नए फीडर प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनके संचालन से शहर में बार-बार होने वाली ट्रिपिंग की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी।
माधवनगर के 12 हजार उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
माधवनगर क्षेत्र के लिए 132 केवी शांति नगर सब स्टेशन से नया 33 केवी फीडर प्रारंभ किया जाएगा। वर्तमान में स्लीमनाबाद 33 केवी लाइन से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति की जाती है, जिससे अधिक लोड होने पर ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न होती है। नए फीडर के चालू होने के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था अलग हो जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की तकनीकी समस्याओं का असर शहर की बिजली आपूर्ति पर नहीं पड़ेगा।
बरगवां औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगी अलग विद्युत आपूर्ति
बरगवां औद्योगिक क्षेत्र के लिए अलग 33 केवी लाइन बिछाने का कार्य तेजी से जारी है। वर्तमान में पहरुआ 33 केवी लाइन से अमकुही, बरगवां औद्योगिक क्षेत्र और गणेश चौक क्षेत्र के करीब 15 हजार उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की जा रही है। कटाएघाट उपकेंद्र से नई 33 केवी लाइन तैयार होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र के उच्च दाब उपभोक्ताओं को अलग आपूर्ति दी जाएगी। इससे फॉल्ट अटेंड करने में आसानी होगी और ट्रिपिंग की समस्या कम होगी। उद्योगों को भी गुणवत्तापूर्ण और स्थिर बिजली मिल सकेगी।
पहरुआ उपकेंद्र से शुरू होगा नया 11 केवी फीडर
33/11 केवी पहरुआ उपकेंद्र से एक नया 11 केवी फीडर भी शुरू किया जाएगा। यह फीडर सिटी-5 फीडर के भार को विभाजित करेगा, जिससे करीब 1500 उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति मिल सकेगी।
विद्युत विभाग के अनुसार भीषण गर्मी के दौरान बिजली बंद कर कार्य करना संभव नहीं था, इसलिए परियोजनाओं में विलंब हुआ। अब सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मौसम व तकनीकी परिस्थितियां अनुकूल होते ही नए फीडरों को चालू कर दिया जाएगा।
विभाग का दावा है कि नई व्यवस्थाओं के लागू होने के बाद शहर में ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं में कमी आएगी तथा उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध हो सकेगी।