किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को धान के अलावा अन्य फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। अब जो किसान धान की जगह वैकल्पिक फसलें उगाएंगे, उन्हें प्रति एकड़ 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
योजना का उद्देश्य
किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित करना।
पानी की खपत कम करने वाली फसलों को बढ़ावा देना।
मिट्टी की उर्वरता बनाए रखना और किसानों की आय के नए स्रोत विकसित करना।
किन फसलों पर मिलेगा लाभ?
धान के स्थान पर उगाई जाने वाली विभिन्न वैकल्पिक फसलें, जैसे—
दलहन (चना, अरहर, मूंग, उड़द)
तिलहन (सरसों, तिल, सोयाबीन, मूंगफली)
मक्का
कोदो-कुटकी, रागी जैसे मोटे अनाज
अन्य निर्धारित फसलें
कितनी मिलेगी सहायता?
प्रोत्साहन राशि: 15,000 रुपये प्रति एकड़
राशि पात्र किसानों को सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रदान की जाएगी।
किसानों को क्या फायदा होगा?
एक ही फसल पर निर्भरता कम होगी।
कम पानी में बेहतर उत्पादन वाली फसलों को बढ़ावा मिलेगा।
मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरेगा और लंबे समय में खेती अधिक टिकाऊ बनेगी।
सरकारी प्रोत्साहन के साथ किसानों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी।
सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और फसल सूची से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित कृषि विभाग या जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्राप्त की जा सकती है।