किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
बिलासपुर में एक कथित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। आरोप है कि एक गरीब परिवार द्वारा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में शिकायत भेजे जाने के बाद राजस्व विभाग ने शिकायतकर्ता के घर पर बुलडोजर चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया। इस घटना के बाद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपनी जमीन और राजस्व संबंधी समस्या को लेकर PMO में शिकायत दर्ज कराई थी।
आरोप है कि शिकायत के बाद राजस्व अमला मौके पर पहुंचा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करते हुए उसका मकान ढहा दिया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें पर्याप्त समय या उचित सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया और कार्रवाई सीधे उनके खिलाफ की गई।
प्रशासन का पक्ष
प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई
राजस्व अभिलेखों और अतिक्रमण संबंधी नियमों के तहत की गई है तथा इसका किसी शिकायत या प्रतिशोध से कोई संबंध नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित निर्माण सरकारी भूमि पर अवैध रूप से किया गया था, इसलिए नियमानुसार कार्रवाई की गई।
उठ रहे सवाल
क्या शिकायतकर्ता को पहले नोटिस दिया गया था?
क्या बेदखली की प्रक्रिया कानून के अनुसार पूरी की गई?
क्या कार्रवाई निष्पक्ष थी या शिकायत के बाद जल्दबाजी में की गई?
इन सवालों को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।
फिलहाल यह मामला आरोप और प्रशासनिक दावों के बीच है। यदि जांच या न्यायालय से कोई नया तथ्य सामने आता है, तो उसी के आधार पर स्थिति और स्पष्ट होगी।