किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
रायपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें ट्रिपल आईटी (IIIT) रायपुर के एक प्रोफेसर के बैंक खाते से करीब ₹1.08 लाख की धोखाधड़ी हो गई। खास बात यह है कि इस पूरी ठगी में किसी OTP की मांग भी नहीं की गई और फिर भी खाते में एक फर्जी बेनिफिशियरी जोड़कर रकम निकाल ली गई।
जानकारी के अनुसार, ठगों ने प्रोफेसर के बैंक खाते में बिना अनुमति एक नया लाभार्थी (beneficiary) जोड़ दिया और उसके बाद अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए ₹1.08 लाख की रकम ट्रांसफर कर ली। पीड़ित को तब इस फ्रॉड का पता चला जब खाते से पैसे कटने के अलर्ट मैसेज आने लगे।
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक यह “बिना OTP वाली ठगी” अक्सर तब होती है जब:
किसी तरह बैंकिंग लॉगिन डिटेल्स पहले से लीक हो जाती हैं
मोबाइल/डिवाइस में मैलवेयर या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल हो जाता है
इंटरनेट बैंकिंग से सेशन हाईजैक हो जाता है
घटना के बाद पीड़ित ने साइबर क्राइम पोर्टल और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन को ट्रेस कर जांच शुरू कर दी है और कुछ खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
ऐसे मामलों में तुरंत ये कदम जरूरी होते हैं:
1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें
cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें
बैंक को तुरंत अकाउंट फ्रीज करने के लिए सूचित करें
यह मामला दिखाता है कि सिर्फ OTP ही नहीं, बल्कि बैंकिंग सिक्योरिटी सेटिंग्स और डिवाइस की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।