फतेहगंज पश्चिमी।
रामपुर जिले की नगर पंचायत सैफनी में कथित वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोपों के मामले में शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर निदेशक स्थानीय निकाय द्वारा सैफनी के निवर्तमान एवं वर्तमान में नगर पंचायत फतेहगंज पश्चिमी में तैनात अधिशासी अधिकारी (ईओ) पुष्पेंद्र सिंह राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
जानकारी के अनुसार जनवरी 2025 में सैफनी नगर पंचायत के सभासदों ने ईओ पुष्पेंद्र सिंह राठौर पर भ्रष्टाचार, गबन और विकास कार्यों में अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। जांच के दौरान उनका स्थानांतरण फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत में हो गया था। बाद में मुरादाबाद मंडल आयुक्त की जांच रिपोर्ट में आरोपों को प्रथम दृष्टया सही माना गया, जिसके आधार पर रिपोर्ट शासन को भेजी गई।
मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद शासन के निर्देश पर निदेशक स्थानीय निकाय ने 11 मई को सैफनी चेयरमैन फैजान खान और तत्कालीन ईओ पुष्पेंद्र सिंह राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया। हालांकि, बताया जा रहा है कि नोटिस समय पर संबंधित अधिकारियों तक नहीं पहुंच सका। इस पर विधान परिषद समिति ने नाराजगी व्यक्त की, जिसके बाद 4 जून को दोबारा नोटिस जारी किया गया।
फतेहगंज पश्चिमी में भी जांच के निर्देश
भाजपा नेता आशीष अग्रवाल और ईओ पुष्पेंद्र सिंह राठौर के बीच चल रहे विवाद की सुनवाई के दौरान विधान परिषद की संसदीय एवं सामाजिक सद्भाव समिति ने फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत में हुए भुगतानों और कार्यों की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। समिति ने नगर विकास विभाग को शासन स्तर पर तकनीकी एवं वित्तीय जांच (टीएसी) कराने के लिए कहा है।
आशीष अग्रवाल का आरोप है कि गौशाला चारा खरीद और अन्य विकास कार्यों में भी अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने समिति के समक्ष संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। समिति के सभापति सीपी चंद्र ने सुनवाई के दौरान नोटिस जारी करने में हुई देरी पर भी सवाल उठाए।
राज्यपाल और उपमुख्यमंत्री से भी शिकायत
भाजपा नेता आशीष अग्रवाल ने मंगलवार को लखनऊ में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर ईओ की कार्यशैली से संबंधित दस्तावेज सौंपे। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में देरी की गई और संबंधित अधिकारी को संरक्षण दिया गया।
ईओ बोले— अभी कोई नोटिस नहीं मिला
ईओ पुष्पेंद्र सिंह राठौर ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई आधिकारिक नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। नोटिस मिलने पर नियमानुसार अपना जवाब प्रस्तुत करेंगे।
अब सभी की नजरें शासन की अगली कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे सैफनी और फतेहगंज पश्चिमी दोनों नगर पंचायतों की कार्यप्रणाली पर असर पड़ सकता है।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली