शहजाद आलम जिला संवाददाता
सिद्धार्थनगर।
सिद्धार्थनगर जनपद में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना खेसरहा पुलिस ने एक सराहनीय सफलता हासिल की है। यूपीआई के माध्यम से साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति की पूरी धनराशि 23,500 रुपये वापस कराकर पुलिस ने अपनी सक्रियता और दक्षता का परिचय दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन में जनपद भर में साइबर अपराधों की रोकथाम एवं साइबर क्राइम रिकवरी अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार प्रसाद के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी बांसी शुबेंदु सिंह के पर्यवेक्षण में थाना खेसरहा साइबर सेल टीम ने यह उल्लेखनीय कार्य किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना खेसरहा क्षेत्र के ग्राम इमिलिया निवासी अनिल कुमार ने 1 जून 2026 को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि यूपीआई के माध्यम से उनके खाते से 23,500 रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई है। शिकायत संख्या 33105260122470 के आधार पर थाना खेसरहा साइबर सेल ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर संबंधित बैंक से संपर्क स्थापित किया और साइबर फ्रॉड की धनराशि को होल्ड कराने की प्रक्रिया शुरू की। लगातार प्रयासों, त्वरित कार्रवाई और बैंक के सहयोग से ठगी गई पूरी रकम को सुरक्षित करते हुए 13 जून 2026 को पीड़ित के खाते में वापस करा दिया गया।
अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर पीड़ित अनिल कुमार ने खेसरहा पुलिस और साइबर सेल टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय रहते पुलिस की सक्रियता के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिली।
इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्रा, साइबर सेल प्रभारी राघवेंद्र प्रताप यादव, कांस्टेबल देवेश मिश्रा, आरक्षी नीरज कुमार तथा महिला कांस्टेबल रम्भा यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक ने टीम के कार्य की सराहना करते हुए आमजन से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो वह बिना देरी किए 1930 हेल्पलाइन अथवा NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते धनराशि को रिकवर किया जा सके और साइबर अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।